टेसू - संजय वर्मा "दृष्टि"


संजय वर्मा "दृष्टि"
शहीद भगत सिंग मार्ग
मनावर जिला -धार (म. प्र. )

टेसू


खिले टेसू
ऐसे लगते मानों
खेल रहे हो पहाड़ों से होली ।

सुबह का सूरज
गोरी के गाल
जेसे बता रहे हो
खेली है हमने भी होली
संग टेसू के ।

प्रकृति के रंगों की छटा
holi greetings shabdankan 2013 २०१३ होली की शुभकामनायें शब्दांकन जो मोसम से अपने आप
आ जाती है धरती पर
फीके हो जाते है हमारे
निर्मित कृत्रिम रंग ।

डर लगने लगता है
कोई काट न ले वृक्षो को
ढंक न ले प्रदूषण सूरज को ।

उपाय ऐसा सोंचे
प्रकृति के संग हम
खेल सके होली ।

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