साहित्य मज़ाक नहीं

    सच बोलना अच्छी बात है – हम सब ये जानते हैं.     अधिकतर हम ये मान कर चलते हैं कि हमसे जो बात कही जा रही है वो सच ही है, लेकिन इसका न...
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संजीव की रचनाओं में है आम आदमी की पीड़ा : विभूति नारायण राय

हिंदी विवि में ‘राइटर-इन रेजीडेंस’ संजीव को दी गई विदाई  वर्धा, 13 मार्च, 2013      महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्याल...
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