गुरुवार, अक्तूबर 03, 2013

मदारी का मायाजाल - प्रेम भारद्वाज

गुरुवार, अक्तूबर 03, 2013
यह कैसी विडंबना कैसा झूठ है दरअसल अपने यहां जनतंत्र एक ऐसा तमाशा है जिसकी जान मदारी की भाषा है [ धूमिल ] मदारी का मायाज...

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