गुरुवार, सितंबर 25, 2014

तीन ग़ज़लें- एक बह्र - प्राण शर्मा | Pran Sharma's 3 New Ghazals in the same meter

गुरुवार, सितंबर 25, 2014
तीन ग़ज़लें- एक  बह्र  प्राण शर्मा 1 कानों  में रस  सा  घोलती रहती  हैं बेटियाँ मुरली  की  तान  जैसी  सुरीली  हैं  बेटियाँ क्योंकर न...

बुधवार, सितंबर 24, 2014

देखते ही देखते -तब और अब : निर्मला जैन | Time and Changes - Nirmala Jain

बुधवार, सितंबर 24, 2014
सबसे मार्मिक प्रसंग डॉ0 नामवर सिंह के एपेन्डिसाइटिस के ऑपरेशन का था। जब वे दिल्ली आकर ‘जनयुग’ के बाद राजकमल प्रकाशन के साहित्य-सलाहकार क...

मंगलवार, सितंबर 23, 2014

रावण बाबा नम: - चम्पा शर्मा | Ravana Baba Namah

मंगलवार, सितंबर 23, 2014
राजस्थान पत्रिका से सेवानिवृत्त मुख्य उपसंपादक सुश्री चम्पा शर्मा अब स्वतंत्र लेखन करती हैं। 1985 से 2008 तक ' दीदी की चिट्ठी ’ स...

काश, सिर्फ चुलबुली होती सोनम - दिव्यचक्षु | Wish, Sonam was just bubbly - 'Khoobsurat' review - Divya-Chakshu

मंगलवार, सितंबर 23, 2014
फिल्म समीक्षा काश, सिर्फ चुलबुली होती सोनम दिव्यचक्षु खूबसूरत निर्देशक- शशांक घोष कलाकार- सोनम कपूर, फवाद खान, रत्ना प...

गूगलानुसार शब्दांकन