जनतंत्र में कचहरी मृगतृष्णा गरीब की - जितेन्द्र श्रीवास्तव की कविताएं | Hindi Poetry : Jitendra Srivastava

राजेन्द्र यादव जी ने सही कहा था "इन दिनों कविता का ओवर प्रोडक्शन हो रहा है।" इस ओवर प्रोडक्शन का सबसे ज्यादा खामियाज़ा पाठक को पह...
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प्रवासी साहित्य को मुख्यधारा में स्थान दिया जाए - मृदुला गर्ग | Pravasi literature be brought into the mainstream - Mridula Garg

17 जनवरी, यमुनानगर कथा युके  व डीएवी गर्ल्स कालेज के संयुक्त तत्वावधान में 17-18 जनवरी 2014 को अंतराष्ट्रीय प्रवासी साहित्य सम्मेलन (अप...
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