शुक्रवार, जुलाई 04, 2014

तीन ग़ज़लें और कई ख़याल - प्राण शर्मा | Three Ghazals of Pran Sharma

शुक्रवार, जुलाई 04, 2014
कुछ  तो  जानें ,  कुछ  तो   मानें  अपनी  उस   नादानी  को  कैसे   खोया   हम    ने    अपने  घर  के   दाना - पानी  को  अपने  को  पहचान  ...

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