रविवार, अगस्त 03, 2014

"वह निर्छद्म हंसी" डॉ. तेज सिंह को रूपसिंह चन्देल की श्रद्धाजंलि | Roop Singh Chandel paying tribute to Dr. Tej Singh

रविवार, अगस्त 03, 2014
श्रद्धाजंलि वह निर्छद्म हंसी रूपसिंह चन्देल कुछ लेखक डॉ. सिंह से इस बात से भी खफा थे कि वह उनके आत्मकथा लेखन का विरोध करते थे. डॉ...

संस्कृति अब किसी भयानक अपराध कथा में बदलने लगी है - अजित राय | Ajit Rai on Unimaginable Changes in Culture [Drishyantar July 2014]

रविवार, अगस्त 03, 2014
संस्कृति अब किसी भयानक अपराध कथा में बदलने लगी है अजित राय शर्मिला चटर्जी का बस इतना ही कसूर था कि उन्होंने फ्रांस के नीस शहर में ...

हिंदी कहानी: अभिमन्यु की भ्रूण हत्या - विभा रानी | Hindi Kahani: Abhimanyu ki Bhrun Hatya - Vibha Rani

रविवार, अगस्त 03, 2014
कहानी अभिमन्यु की भ्रूण हत्या विभा रानी बच्ची की दस्तक से माँ की नींद उचट गई। वह अब इस दस्तक से घबरा गई थी और इससे निजात पाना ...

तीन कवितायें - विभा रानी | Poems - Vibha Rani

रविवार, अगस्त 03, 2014
कवितायें  विभा रानी आ ज नहीं खेली होली! आज नहीं खेली होली पर पूरियां बेलीं भरी कचौरियां - हरे मटर की काटी थोड़ी सब्जिय...

बहीखाता - विभा रानी Bahikhata : Vibha Rani

रविवार, अगस्त 03, 2014
बहीखाता  विभा रानी (शब्दांकन उपस्तिथि)  कहानी: अभिमन्यु की भ्रूण हत्या तीन कवितायें आलेख: सेलेब्रटिंग कैंसर! कहानी: रंडाग...

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