सोमवार, जून 29, 2015

ओ.पी. नैय्यर अपनी किंग साइज़ ईगो के ग़ुलाम थे... तेजेन्द्र शर्मा | Shikha Varshney's reports from UK on O. P. Nayyar

सोमवार, जून 29, 2015
ओ.पी. नैय्यर अपनी किंग साइज़ ईगो के ग़ुलाम थे... तेजेन्द्र शर्मा  ~ शिखा वार्ष्णेय “ ओ.पी. नैय्यर यदि स्वाभिमानी होते तो दूसरो...

कहानी: मेरे हमदम, मेरे दोस्त - अल्पना मिश्र | Kahani : 'Mere Humdam Mere Dost'- Alpana Mishra

सोमवार, जून 29, 2015
मेरे हमदम, मेरे दोस्त - अल्पना मिश्र आज फिर सुबोधिनी को लगा कि उसके पीछे पीछे कोई ऐसे चल रहा है, जैसे पीछा कर रहा हो। वह और तेज ...

रविवार, जून 28, 2015

शनिवार, जून 27, 2015

30 जून तक ₹250 में तीन उपन्यास (मनोहर श्याम जोशी+संजीव+प्रभात रंजन) | Three Latest Novels for ₹250

शनिवार, जून 27, 2015
27, 28, 29, 30 जून  ~ वाणी प्रकाशन, हिंदी के श्रेष्ठ कथाकारो की तीन पुस्तकें आकर्षक ऑफर के रूप में पाठकों को मात्र ₹250* + डाक व्यय ...

स्मृति ईरानी का फरजीवाड़ा - ओम थानवी | #SmritiFakeDegree Om Thanvi @omthanvi

शनिवार, जून 27, 2015
शिक्षामंत्री ही जहाँ अनैतिक फरजीवाड़े में मुब्तिला हो, वहाँ शिक्षा का हश्र क्या होगा?  - ओम थानवी स्मृति ईरानी के फरजीवाड़े क...

मंगलवार, जून 23, 2015

बंग्ला कहानी: अमेरिकन पेट्रोमैक्स - नबारुण भट्टाचार्या (अनुवाद अमृता बेरा) | American Petromax - Nabarun Bhattacharya

मंगलवार, जून 23, 2015
अमेरिकन पेट्रोमैक्स – नबारुण भट्टाचार्या कोने से दिख रहा है, फ़्लाईओवर के उपर से तरह-तरह के मॉडल और साईज़ की गाड़ियाँ जा रह...

इस उपन्यास के शिल्प ने मुख्य रूप से आकर्षित किया - प्रो० नामवर सिंह | Prof Namvar Singh on Alka Saraogi's Novel "Jaankidas Tejpal Mansion"

मंगलवार, जून 23, 2015
मुझे इस उपन्यास के शिल्प ने मुख्य रूप से आकर्षित किया शिल्प का बहुत सधा हुआ इस्तेमाल किया है दूरदर्शन के कार्यक्रम सुबह सवेरे ...

रविवार, जून 21, 2015

कितने वादे थे ? सरकार... : विभूति नारायण राय | Vibhuti Narayan Rai on PM India

रविवार, जून 21, 2015
कितने वादे थे ? सरकार... : विभूति नारायण राय एक दृश्य याद कीजिये — साल भर पहले एक आदमी कश्मीर से कन्याकुमारी और अटक से कटक तक अपने ...

ग़ज़लों में यथार्थ ~ प्रताप सोमवंशी | Ghazals of Pratap Somvanshi

रविवार, जून 21, 2015
ग़ज़लें  ~ प्रताप सोमवंशी प्रताप सोमवंशी को कुछ रोज़ पहले एक मुशायरे में सुना, उनकी ग़ज़लों के एक-एक शेर पर वाह निकलती रही, आप ख़ुद देखे...

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