मंगलवार, मार्च 17, 2015

सौंदर्य के प्रतिमान - जनसत्ता

मंगलवार, मार्च 17, 2015
सौंदर्य के प्रतिमान जनसत्ता  पिछले हफ्ते राज्यसभा में बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा छब्बीस फीसद से बढ़ा कर उनचास फीसद करने ...

व्यापारी भी इंसान है - सुशील जायसवाल

मंगलवार, मार्च 17, 2015
व्यापारी भी इंसान है  सुशील जायसवाल उत्तर प्रदेश के अतिमहत्वपूर्ण जनपद फैजाबाद में अराजकता आख़िर क्यों बढ़ रही है। हाल में ही हुई ...

वैष्णव जन ते तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे - पूनम सिन्हा Review of Bhagwandas Morwal's Novel Narak Masiha

मंगलवार, मार्च 17, 2015
अँधेरे अरण्य के बीच पूनम सिन्हा जब अठारहवीं शताब्दी के अंत में जर्मनी का समूचा समाज सड़ांध मार रहा था तो बेहतरी की एकमात्र आशा देश के...

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