रविवार, मई 24, 2015

स्याह-सफ़ेद दुनिया का सच -भावना मासीवाल | Review of Nirmal Bhuradiya's Novel 'Ghulam Mandi' by Bhawna Masiwal

रविवार, मई 24, 2015
स्याह-सफ़ेद दुनिया का सच -भावना मासीवाल समाज में मनुष्यता आज हाशिए पर है और हाशियाकरण की यह प्रक्रिया लंबे समय से मानवाधिकारों के ह...

कहानी: एक पेड़ की मौत - अलका सरावगी | HindiKahani 'Ek Ped ki Mout' by Alka Saraogi

रविवार, मई 24, 2015
ये कहानी आपको बहुत पसंद आने वाली है ... हो सकता है कि आप सोचे कि 'यह कहानी क्यों प्रकाशित की गयी ' या फिर 'इतनी अच्छी कहान...

अनुशासित प्रशासन लाने की एक सार्थक पहल- अशोक गुप्ता | Discipline and administration - Ashok Gupta

रविवार, मई 24, 2015
अनुशासित प्रशासन लाने की एक सार्थक पहल -अशोक गुप्ता कम से कम विगत तीन दशकों से भारतीय राजनेताओं के दंभ जनित व्यवहार में अनुशासन का...

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