कश्मीर पर लेखक और कलाकार | Writers and Creative Artists on Kashmir


Srinagar  Photo: Bharat Tiwari

कश्मीर पर लेखक और कलाकार

Writers and Creative Artists on Kashmir


हम, भारत के रचनात्मक समुदाय के सदस्य, जो विभिन्न भाषाओं, क्षेत्रों और धर्मों से संबंध रखते हैं, उस वेदना   से दुःखी और पीड़ित है, जिससे हमारे कश्मीरी भाइयों, बहनों, बच्चों को गुज़रना पड़ रहा है। यह अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण, अनुपयुक्त और अनावश्यक है। हमें विश्वास है कि यदि कश्मीर का खून बहता है, तो उससे सम्पूर्ण भारत का खून बहता है; कश्मीरी दुख और दर्द, चोट और अपमान का भागीदार सारा भारत है। हम इस बात को रखना चाहते हैं कि भारत, अपनी सरकार, राज्य व केंद्र दोनों, सुरक्षाबलों और अपने राजनीतिक संगठनों, से कहीं ऊपर है। कश्मीरी के लोग भारत के ही हैं और हम सब स्वतंत्रता, समानता और सभी के लिए न्याय को वास्तविक बनाने के लिए इकट्ठे संघर्ष कर रहे हैं।



इसमें कोई शक नहीं कि कश्मीर में स्थिति अत्यंत जटिल है और हर तरह की भीतरी और बाहरी ताकतें इनमें शामिल हैं। यह सच है लेकिन फिर भी, हम मांग करते हैं कि कश्मीर में पूर्ण मानवीय गरिमा और असहमति के लिए सुनिश्चित सम्मान, सहानुभूति के साथ परेशानियों के शीघ्र समाधान, उत्तेजक परिस्थितियों में अत्यंत संयम व्यवहार, मानव जीवन व अंगों की सुरक्षा को हर समय ध्यान में रखते हुए, लगातार बातचीत के द्वारा शांति और अच्छे-हालात बहाल किये जाएँ। कश्मीर का हर तबका वह चाहे राज्य हो या जनता, ज़रूरी है कि लोकतान्त्रिक प्रक्रिया में पूर्ण विश्वास दिखाते हुए, आपसी मदद और सहयोग, सभी धर्मों के प्रति सम्मान दिखाए व साबित करे, इस बात का विशेष ध्यान रखना है कि महिलाओं और बच्चों, गरीबों और वंचितों को उपेक्षा और अत्याचार के अपमान का सामना न करना पड़े।

भारतीय सेना के जवानों पर सोते में संभवतः सीमा पार से आये एक विदेशी सरकार द्वारा समर्थित नृशंस आतंकवादी हमले की हम दृढ़ता से निंदा करते हैं और हमारे वीर सैनिकों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं।

हम कश्मीरियत, कश्मीरी संस्कृति की महान समावेशी परंपरा का आह्वान भी करते है और कश्मीरी रचनात्मक समुदाय से अपील करते हैं कि वे यह समझें कि भारत की सभ्यता उद्यम के लिए उनका योगदान अत्यधिक मूल्यवान रहा है और यह योगदान अपनी गतिशील रचनात्मकता, निडर कल्पनाशीलता, गहरी पैठ रखने वाली मानवता, के साथ जारी रहे।

कश्मीर हम आप के साथ हैं जैसा कि हमें भरोसा है कि आप हमारे साथ हैं; पीड़ा में, शांति की खोज में, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता में, लोकतंत्र और बातचीत की शक्ति पर भरोसे में।

अशोक वाजपेयी

उपरोक्त नीचे अशोक वाजपेयी लिखित अंग्रेजी का हिंदी अनुवाद है  - भरत तिवारी





:: L I S T ::
1. Krisna Sobti Hindi writer, Delhi
2. Gulam Mohd. Sheikh Painter, Baroda
3. Vivan Sundaram Painter, Delhi
4. Gaeta Kapur Art Critic, Delhi
5. Gauhar Raza Urdu poet, Delhi
6. Shail Mayaram Social Scientist, Delhi
7. Om Thanvi Journalist, Delhi
8. Sharmim Hanif Urdu Critic, Delhi
9. Udayan Vajpeyi Hindi writer, Delhi
10. Savita Singh Hindi poet, Delhi
11. Rimli Bhattacharya Prof. English, Delhi
12. Kumar Shahani Film Maker, Mumbai
13. Sibaji Bandopadhyay
14. Sunil Mehra Art Critic, Delhi
15. Navtej Johar Classical Dancer, Delhi
16. Yashodhara Dalmia Art Critic, Delhi
17. Rajeev Bhargava Social Scientist, Delhi
18. Rakshanda Jalil Urdu Scholar, Delhi
19. Neelam Mansingh Theatreperson, Chandigarh
20. Zoya Hasan Historian, Delhi
21. Arun Kamal Hindi poet, Patna
22. Sudhir Chandra Historian, Delhi
23. Geetanjali Shree Hindi writer, Delhi
24. Mangalesh Dabral Hindi writer, Delhi
25. Teji Grover Hindi poet-novelist, Hoshangabad
26. Ashis Nandy Social Scientist, Delhi
27. K Satchidanandan Malayalam poet, Shirola
28. Nilima Sheikh Painter, Baroda
29. Kirti Jain Theatreperson, Delhi
30. Rukmini Bhaya Nair English poet, Delhi
31. Visnu Khare Hindi poet-critic, Chhindwada
32. Ananya Vajpeyi Social Scientist, Delhi
33. Githa Hariharan English writer, Delhi
34. Pankaj Bisht Hindi writer, Delhi
35. Akhilesh Painter, Bhopal
36. Uday Praksh Hindi writer, Delhi
37. Atul Dodiya Painter, Mumbai
38. R Sivkumar Art Critic, Shanti Niketan
39. S R Faruqi Urdu Scholar-Novelist, Allahabad
40. Sudhir Patwardhan Painter, Mumbai
41. Leeladhar Mandloi Hindi poet, Delhi
42. M K Raina Theatreperson, Delhi
43. Suresh Sharma Social Scientist, Delhi
44. Arvind Parikh Classical Musician, Mumbai
45. Surjit Patar Punjabi poet, Jallandhar
46. Prabha Marathe Dancer, Pune
We, the members of the creative community of India, belonging to various languages, regions and religions, feel deeply moved and anguished by the suffering our Kashmiri brothers, sisters, children are undergoing. It is most unfortunate, undeserved and uncalled for. We are confident that if Kashmir bleeds, it amounts to the whole of India bleeding; the Kashmiri suffering and pain, hurt and indignity are all that of India in equal measure. We wish to emphasise that India is much larger than its governments, both of State and the Centre, its security forces and its political outfits. The Kashmiri people are Indian people and we are all struggling together for making freedom, equality and justice real for everyone.

No doubt the situation in Kashmir is very complex and all kind of inside and outside forces are involved. Be that it may, we demand that peace and well being restored in Kashmir by constant dialogue ensuring respect for human dignity and dissent, empathizing with and addressing promptly grievances, acting with great restraint in provocative circumstances with ever present concern for the safety of life and limbs. All sections in Kashmir whether of the state or the people must express and vindicate faith democratic processes, mutual help and cooperation, respect for all forms of faiths, taking special care that women and children, the poor and underprivileged do not face the indignity of neglect and torture.

We strongly condemn the dastardly attack on the sleeping jawans of the Indian army by presumably terrorists from across the border supported by a foreign government and deeply mourn our gallant soldiers killed.

We also invoke the great composite tradition of Kashmiri culture Kashmiriyat to appeal to the Kashmiri creative community to assert that its contribution to the civilizational enterprise of India has been most valuable and it should continue to enrich Indian culture and life through its dynamic creativity, bold imagination and deep abiding humanity.

We are with you Kashmir as we trust you are with us; in suffering, in quest for peace, in creativity and imagination, in affirming democracy and dialogue.

Ashok Vajpeyi


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2 comments :

  1. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि- आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल रविवार (25-09-2016) के चर्चा मंच "शिकारी और शिकार" (चर्चा अंक-2476) पर भी होगी!
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ-
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि- आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल रविवार (25-09-2016) के चर्चा मंच "शिकारी और शिकार" (चर्चा अंक-2476) पर भी होगी!
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ-
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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