रवीन्द्र कालिया — जिंदादिल और दिलदार — मृदुला गर्ग

Lively and generous Ravindra Kalia — Mridula Garg "सांप कब सोते हैं?"  कालिया बेहद संजीदगी से कहते , ''मृदुल...
Read More

Mahindra Excellence in theatre awards (META) 2016 — Curtain Raiser

Theatre as an agent of social change META 2016 Mahindra Group and Teamwork Arts will have the curtain raiser of the 11th...
Read More

कविता — देशद्रोह — प्रेमा झा | Sedition — Poem

देशद्रोह  — प्रेमा झा देशद्रोह बच्चे देशद्रोही हैं सड़क, गली, मुहल्लें और गैर-मुल्कों तक भी यह बात पंहुच गई की इस लोकतंत्र ...
Read More

अनन्त प्रकाश नारायण — हम आपसे किसी भी रहम की उम्मीद नहीं करते हैं #JNURow

Try to attack us as strongly as possible, we will hit back —  Anant Prakash Narayan to HRD Minister Smriti Irani  एक बार कभी कि...
Read More
osr5366