शुक्रवार, जुलाई 15, 2016

नामवर सिंह, मेरी शादी हो रही थी और मैं रो रहा था (जीवन क्या जिया : 2 )

शुक्रवार, जुलाई 15, 2016
मैंने कभी अपने गुरुदेव हजारी प्रसाद द्विवेदी से पूछा था, ”सबसे बड़ा दुख क्या है?“ बोले, ”न समझा जाना।“ और सबसे बड़ा सुख? मैंने पूछा। फिर...

नामवर सिंह, मेरी शादी हो रही थी और मैं रो रहा था (जीवन क्या जिया : 2 )

शुक्रवार, जुलाई 15, 2016
मैंने कभी अपने गुरुदेव हजारी प्रसाद द्विवेदी से पूछा था, ”सबसे बड़ा दुख क्या है?“ बोले, ”न समझा जाना।“ और सबसे बड़ा सुख? मैंने पूछा। फिर...

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