नामवर सिंह, मेरी शादी हो रही थी और मैं रो रहा था (जीवन क्या जिया : 2 )

मैंने कभी अपने गुरुदेव हजारी प्रसाद द्विवेदी से पूछा था, ”सबसे बड़ा दुख क्या है?“ बोले, ”न समझा जाना।“ और सबसे बड़ा सुख? मैंने पूछा। फिर...
Read More

नामवर सिंह, मेरी शादी हो रही थी और मैं रो रहा था (जीवन क्या जिया : 2 )

मैंने कभी अपने गुरुदेव हजारी प्रसाद द्विवेदी से पूछा था, ”सबसे बड़ा दुख क्या है?“ बोले, ”न समझा जाना।“ और सबसे बड़ा सुख? मैंने पूछा। फिर...
Read More
osr5366