बुधवार, सितंबर 21, 2016

औरतें सदियों पहले ही बोन्साई बना दी गईं थी — देवी नागरानी | Review: Ek Thaka Hua Sach

बुधवार, सितंबर 21, 2016
अम्मा, रस्मो रिवाजों के धागों से बनी  तार-तार चुनर मुझसे वापस लेले  मैं तो पैबंद लगाकर थक गयी वो अपनी बेटी को कैसे पेश करुँगी ?  ...

ज़िन्दगी मेल — कहानी — हरिओम hindi-kahani-zindagi-mail-hariom

बुधवार, सितंबर 21, 2016
कहानीकार की कलम अगर  हमें ख़्वाबों की दुनिया में ले जा सकती है तो उसमें यह ताक़त भी होती है कि वह हमें उस दुनिया में भी ले जाए, जो होती तो ह...

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