"तर्ज बदलिए" — कृष्णा सोबती की कविता | Krishna Sobti #demonetisation

तर्ज बदलिए Poem by Krishna Sobti गुमशुदा घोड़े पर सवार हमारी सरकार नागरिकों को तानाशाही से लामबंदी क्यूँ करती है और फि...
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लाईन मे लगकर मरने मे कौनसी गरिमा है – अभिसार शर्मा | Abhisar Sharma Blog #Demonetisation

#नोटबंदी देशबंदी  – अभिसार शर्मा  वादा था अच्छे दिनों का, मगर अब एक मुर्दनी सी है । कल एक मोदी समर्थक कहते हैं कि अरे अब तो...
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वे (प्रभाकर श्रोत्रिय) वहीं थे — मधु कांकरिया Madhu Kankaria Pays Tribute to Prabhakar Shrotriya

और एक दोपहर उन्होंने त्याग पत्र दे दिया क्योंकि उनके रहते वह संभव ही नहीं था जो परिषद् की मंशा थी... प्रभाकर श्रोत्रिय की यादें  ...
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