हिंदी का ग्राफ और शब्दांकन

गुरुवार, दिसंबर 28, 2017

काल के कपाल पर धमाल ~ रघुवंश मणि

गुरुवार, दिसंबर 28, 2017
नेटवर्क फेल हो जायेगा, विश करोगे कब ~ रघुवंश मणि  इस गैरलेखक और गैरविचारक दौर में सोचिये तो बहुत से भय लगे रहते हैं, जिनकी चर्चा...

बुधवार, दिसंबर 27, 2017

शुक्रवार, दिसंबर 22, 2017

रुद्रवीना के भाई सुरबहार वादक डॉ आश्विन दलवी

शुक्रवार, दिसंबर 22, 2017
डॉ अश्विन दलवी से सवाल-जवाब राजस्थान ललित कला अकादमी के चेयरमैन डॉ अश्विन दलवी देश के प्रसिद्ध एवं स्थापित सुरबहार वादकों में...

IGNCA आने पर ख़ुशी होती है : किरण रिजीजू | #Bakula

शुक्रवार, दिसंबर 22, 2017
केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू अ विसिनरी सेंट वेनेरेबल कुशक बकुला रिनपोछे के जीवन पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र...

रविवार, दिसंबर 17, 2017

रिया शर्मा की कहानी "गलीज ज़िंदगी"

रविवार, दिसंबर 17, 2017
भिखारी और वितृष्णा के भाव का अजीब साथ होता है। चोली-दामन का साथ। कभी -कभी दया का कोई उड़ता हुआ छींटा उन पर गिर जाता है किन्तु अक्सर......

शुक्रवार, दिसंबर 15, 2017

मैनें कब माँगी खुदाई मुस्कुराने के लिए... #shair #ghazal

शुक्रवार, दिसंबर 15, 2017
मैनें कब माँगी खुदाई मुस्कुराने के लिए डॉ. एल.जे भागिया ‘ख़ामोश’  की ग़ज़ल     मैनें   कब   माँगी   खुदाई    मुस्कुराने  ...

गुरुवार, दिसंबर 14, 2017

अतीत में खुलती खिड़कियों से भविष्य की तलाश - दिल ढूँढ़ता है...! @tak_era

गुरुवार, दिसंबर 14, 2017
समीक्षा: इरा टाक दिल ढूंढता है – उपन्यास | लेखक - राकेश मढोतरा सपनों और हकीकत की कश्ती में सवार हर इंसान जीवन के समंदर में इधर...

डॉ सच्चिदानंद जोशी की कहानी — भाई दूज

गुरुवार, दिसंबर 14, 2017
छोटी कहानी में 'बड़े' मानवीय रिश्तों और मूल्यों को आधुनिक-आवश्यक-सामाजिक बदलावों की महत्ता दिखाते हुए कह पाना और साथ में कहा...

गुरुवार, नवंबर 30, 2017

दिल्ली को लोक रंग से भर रहा है #लोकगाथा_उत्सव

गुरुवार, नवंबर 30, 2017
IGNCA आइये बुधवार को अन्य कार्यक्रमों के अलावा इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र की हरियाली को हिन्दी के चर्चित गायक मोहित चौहान ...

सोमवार, नवंबर 27, 2017

इंदिरा दाँगी की कहानी 'गुड़ की डली' | #Hindi @IndiraDangi

सोमवार, नवंबर 27, 2017
‘‘अम्मा भूख लगी है !’’ ‘‘अभी तो खाई थी रोटी घण्टा भर पहले !’’ दीपा चुप है किसी गुनहगार की तरह; लेकिन उसकी रिरियाती दृष्टि में भूख़ ...

गूगलानुसार शब्दांकन