बुधवार, मई 31, 2017

श्याम कश्यप गले के कैंसर से लड़ रहे हैं #ShyamKashyap

हिंदी-साहित्य-संसार

को सूचनार्थ

श्याम कश्यपजी गले के कैंसर से लड़ रहे हैं


श्याम कश्यपजी गले के कैंसर से लड़ रहे हैं और उन्होंने उदय प्रकाश जी को, बोल न सकने के कारण, लिखित रूप से जो सन्देश दिया है, उसे हिंदी-साहित्य-संसार तक पहुँचा रहा हूँ। आगे आप साहित्य-से जुड़े लोग अपनी समझ अनुसार जैसा उचित समझें –


गले में वोकल कॉर्ड और टॉन्सिल्स के पास नीचे कैंसर है (इसी से आवाज़ चली गयी है) और यह काफी फ़ैल भी गया है। एक सिरा साँस की नली पर अटैक कर रहा है,  जिससे ब्रीथिंग प्रॉब्लम है।

दो ऑपरेशन हो चुके हैं :
पहला - साँस लेने के लिए गले में पाइप डालकर नया रास्ता।
दूसरा – कैंसर का टुकड़ा बायोप्सी के लिए काटा गया है। इससे कैंसर ज्यादा सक्रीय हो गया।

सोमवार (29 मई ) शाम तक सारी रिपोर्टें आ जाएँगी तब डॉक्टर्स की टीम ‘लाइन ऑफ़ ट्रीटमेंट’ तय करेगी। दो ऑपरेशन अभी और होंगे। फिर कीमो और  रेडीएशन।

मैं ठीक हो जाऊंगा। उम्मीद करनी चाहिए कि आवाज़ भी थोड़ी-बहुत लौटेगी।

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कैंसर डिटेक्ट हो चुका है - उनकी सुपुत्री का सन्देश  

My father(have to undergo cancer surgery of vocal cord)  who is in urgent need of blood (any group just to replace the units he is infusing)  in the Max hospital ( Patparganj), Delhi.

I would be grateful to you if you could please arrange for 4 - 5 units of blood (any group) for my father Mr Shyam Kashyap who is in Max hospital ( patparganj),Delhi

For any further details, please contact me (Shelley kashyap) on my cell no 9582504756 and 8851415877
Thanking you.

Your's sincerely,
Shelley kashyap.

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हमें बहुत अच्छी-तरह मालूम है कि १) इस रोग का इलाज कितना महँगा होता है २) श्याम कश्यप जी, अन्य हिंदी साहित्यकारों की तरह कितने धनी होंगे। यह अलग बात है कि उन्होंने इन बातों का ज़िक्र नहीं किया है शायद वो इस-संसार को समझते होंगे। यह वक़्त है जब यह-संसार — आगे बढ़कर आने की क्षमता रखता है — दिखा सकता है।

भरत तिवारी

श्याम कश्यप गले के कैंसर से लड़ रहे हैं


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1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा आज गुरूवार (01-06-2017) को
    "देखो मेरा पागलपन" (चर्चा अंक-2637)
    पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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