मंगलवार, अगस्त 22, 2017

'भुला दे डर' से देश को प्रेरित करेगा 'स्टार भारत'



स्टार भारत

स्टार इंडिया का नया चैनल



मुंबई, 20 अगस्त, 2017: टेलीविज़न के  परदे पर 28 अगस्त की शाम 6 बजे स्टार इंडिया का नया चैनल 'स्टार भारत' अवतरित हो रहा है। 'स्टार भारत' ऐसी प्रेरक और ओजस्वी कहानियों का ख़ज़ाना होगा, जो भयमुक्त भारत के निर्माण में सहयोग करेंगी। चैनल पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों का मूल मकसद है सुदृढ़ और जड़ों से जुड़े हुए ऐसे चरित्रों का निर्माण करना, जो चैनल के सिद्धांत 'भुला दे डर, कुछ अलग कर' की भावना को आगे बढ़ाएँगे।



ओम शांति ओम 

चैनल पर प्रसारित किया जाने वाला संगीत का रियलिटी शो 'ओम शांति ओम' अपने नाम के अनुरूप भक्ति संगीत के माध्यम से दर्शकों के मन को शांति प्रदान करने वाला होगा। इसमें भक्ति संगीत की महक होगी जिसमें दर्शकों को संगीत के सामयिक रंग के साथ भक्ति संगीत का अनूठा संगम देखने और सुनने को मिलेगा। यह ऐसा रिएलिटी शो है जिसमें परंपरागत और आधुनिक संगीत का मेल संगीत की एक ऐसी नई शैली का सृजन करेगा, जिसे 'ट्रेडिशनल' संगीत भी कह सकते हैं। इस शो की ख़ासियत होगी जाने-माने योगगुरू स्वामी बाबा रामदेव, जो पहली बार टेलीविज़न पर महा-जज बनकर इस शो को गौरवान्वित करेंगे। शो के सम्मानित निर्णायकों के पैनल में बॉलीवुड सेंसेशन सोनाक्षी सिन्हा, गायक शेखर रवजियानी और कणिका कपूर शामिल हैं।




क्या हाल मि. पांचाल 

जो दर्शक अपने आराम के पलों में कुछ खट्टा-मीठा देखकर वक़्त बिताना चाहते हैं, उनके लिए होगा आप्टिमीमिटिक्स द्वारा निर्मित शो ‘क्या हाल मिस्टर पांचाल?' ये मज़ेदार घटनाओं से भरपूर सीरियल होगा, जिसमें सास, बेटा और पांच बहुरानियां हैं, जो मिलकर नया तमाशा खड़ा करेंगे। ये तमाशा क्या होगा इसे केवल देखकर ही महसूस किया जा सकता है। ये शो 5 ऐसी बहुओं की कहानी है जो अलग-अलग ख़ासियत वाली हैं।




निमकी मुखिया 

वैसे तो हमारे देश में बिहार हमेशा किसी न किसी कारण से चर्चा में रहा है। लेकिन 'निमकी मुखिया' शो बदलते वक़्त में महिला सशक्तिकरण और नारी जीवन में आने वाले बदलाव को प्रस्तुत करता है। ये शो बिहार के ग्रामीण इलाक़ों में पुरूष प्रधान समाज पर सशक्त तरीक़े से चोट करती हुई गाँव में रहने वाली एक

लड़की निमकी के मुखिया बनने की खट्टी मीठी कहानी है। निमकी एक सीधी-साधी घरेलू लड़की है, जो सपने तो बहुत देखती है पर बाहर की दुनिया की वास्तविकता से अनजान है। जब घर बाहर निकलती है तो उसका सामना पुरुष प्रधान समाज से होता है। यहीं से बदलाव आता है और वो गाँव की 'मुखिया' बन जाती है। ये कहानी एक महिला की आत्मशक्ति दिखाने वाली कहानी है जो अपनी ताकत के दम पर हालात बदलने में कामयाब हो जाती है।


साम, दाम, दंड, भेद

परिवार के साथ बैठकर फुर्सत के पल एक साथ बिताने वाले दर्शकों के लिए इस चैनल की पारिवारिक सौग़ात है 'साम, दाम, दंड, भेद।' ये शो देश के एक काल्पनिक शहर में रहने वाले विजय नामधारी नामक दिग्भ्रमित युवक की जीवन यात्रा है, जो सक्षम तो है पर खुद नहीं जानता कि वो अपनी जिन्दगी से क्या चाहता है? फिर उसकी जिंदगी में एक तूफ़ान आता है जो सबकुछ बिखेर देता है। लेकिन, विजय अपनी हिम्मत बटोरकर अपने परिवार की सुरक्षा करता है। विजय नामधारी का रोल निभाया है भानु उदय ने। यह शो आज के युवाओं और राजनेताओं को आईना दिखाने का काम भी करेगा, जो दर्शकों को प्रेरित भी करेगा। ये शो शाकुंतलम टेलीफ़िल्म्ज़ का निर्माण है।


आयुष्मान भव

बाल दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर मथुरा की पृष्ठभूमि पर आधारित 'कृष' की दिलचस्प कहानी कहता है 'आयुष्मान भव' जो आठ साल के एक बच्चे की कहानी है जिसका बचपन दूसरे बच्चों की तरह उतना आसान नहीं है। वो खिलौने  खेलता है, पर बीते वक़्त में उसके साथ जो घटा है वो उसके लिए न्याय चाहता है। व्हाइट हाउज़ इंटरनेशनल द्वारा निर्मित यह शो एक बच्चे के कहानी है, जिसे निभाया है रिक्की पटेल ने। इसके अलावा अविनाश सचदेवा, मेघा गुप्ता और मनीष गोयल की भूमिकाएँ हैं।  

भारतीय समाज में 'मत कर', रोकने और टोकने वाली ऐसी उक्ति है जिसका बार बार उपयोग होता रहता है। किसी को अपने सपने जीने से रोकना, इच्छा से अपने फैसले न करने देना भी 'मत कर' को दर्शाता है। इस पर बनी फिल्म की संकल्पना स्टार इंडिया की क्रिएटिव टीम की है जिसे निर्देशित किया है 'चक दे इंडिया' फेम शमित अमीन ने। जिसमें इसी तरह के कुछ अनुभवों को अलग-अलग स्थितियों में दर्शाया गया है, जो कि डर पर केंद्रित है। डर के पर्याय 'मत कर' का स्टार भारत ने जवाब दिया है 'भुला दे डर' से।

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1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (23-08-2017) को "खारिज तीन तलाक" (चर्चा अंक 2705) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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