बस इतनी गुज़ारिश है — अखिलेश्वर

अखिलेश्वर पांडेय की कविता बस इतनी गुज़ारिश है मुझे ग़ालिब   न बनाओ ग़ाली न दो! मैं बड़ी क़द्र करता हूं उनकी मैं तो उनकी सफेद दा...
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