होली: सतरंगी उत्सव — ओशो | Happy Holi with #Osho

हिरण्यकश्यप और प्रह्लाद दो नहीं हैं — ओशो प्रह्लाद कभी हुए, न हुए, प्रह्लाद जानें। लेकिन इतना मुझे पता है, कि पुराण में जिस तरफ इश...
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अट नहीं रही है — सूर्यकांत त्रिपाठी निराला Happy Holi

अट नहीं रही है अट नहीं रही है आभा फागुन की तन  सट नहीं रही है। कहीं साँस लेते हो,    घर-घर भर देते हो,       ...
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