रविवार, मार्च 19, 2017

सत्ता की साहित्य से अनबन रहती है — राजेश मल्ल | Politics & Literature — Rajesh Mall

रविवार, मार्च 19, 2017
साहित्य शुरू से अपने समय की सत्ता के विपक्ष की भूमिका में रहा है थोड़ी-सी चारणकाल की कविताएं और सत्ता के लाभ-लोभ को समर्पित रचनाओं क...

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