सोमवार, मार्च 27, 2017

जरा इस खेल को समझो बाबू - अमित मिश्रा

सोमवार, मार्च 27, 2017
तार्किकता की आवश्यकता  अमित मिश्रा हमारे दक्षिणपंथी दोस्तों की तार्किकता की झोली खाली है। वह सिर्फ ‘ ऐसा तो होता आया है ’ य...

राम-रहमान के लिए तो छोड़ दो मंदिर-मस्जिद। ले आओ शांति — कल्पेश याग्निक

सोमवार, मार्च 27, 2017
‘हे ईश्वर, इन्हें क्षमा करना - ये नहीं जानते ये क्या कर रहे हैं।’ - प्रभु यीशु  (बचपन से समूचा विश्व इस पंक्ति को पढ़ रहा है, किन्त...

गूगलानुसार शब्दांकन