copyright

कॉपीराइट © Shabdankan.com इंटरनैट पर एक सामूहिक प्रयास है। इस वैबसाइट पर संकलित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार रचनाकार या अन्य वैध कॉपीराइट धारक के पास सुरक्षित हैं। इसलिये Shabdankan.com में संकलित कोई भी रचना या अन्य सामग्री किसी भी तरह के सार्वजनिक लाइसेंस (जैसे कि GFDL) के अंतर्गत उपलब्ध नहीं है। © All published Stories, Poems, Photographs, Articals or writeup collected in Shabdankan.com are copyrighted by the respective authors etc and are, therefore, not available under any public, free or general licenses including GFDL
यद्यपि इसकी संभावना बहुत ही कम है तथापि यह संभव है कि किसी रचनाकार या प्रकाशक को उनके द्वारा लिखी गई या प्रकाशित की गई किसी रचना के Shabdankan.com में होने पर आपत्ति हो। इसी से सम्बंधित कुछ बातें यहाँ नीचे दी जा रही हैं।
Shabdankan.com पूरी तरह से सामूहिक प्रयास है। यह विकि तकनीक पर आधारित एक जालस्थल है और विश्व भर से लोग इसके विकास में भाग लेते हैं। Shabdankan.com का एकमात्र उद्देश्य हिन्दी को इंटरनेट पर एक जगह प्रतिष्ठित करना है ताकि पूरा संसार इसका लाभ उठा सके। Shabdankan.com की स्थापना के पीछे एक ही आशा है कि इसके अस्तित्व में आने से हिन्दी का प्रचार-प्रसार तेजी से पूरे विश्व में हो सकेगा।
Shabdankan.com में संकलित सभी रचनाओं के साथ रचनाकारों का नाम दिया जाता है जिससे रचनाकार को उचित श्रेय मिलता है।
इंटरनेट आज के युग में सूचना प्रसार का सबसे बड़ा, लोकप्रिय और सशक्त माध्यम है। वर्तमान युग में इंटरनेट पर किसी भी सूचना को फैलने से रोका नहीं जा सकता। बच्चन की मधुशाला इस समय सैकडों जालस्थलों पर उपलब्ध है। हिन्दी की हज़ारो काव्य रचनाएँ इंटरनेट पर जहाँ-तहाँ फैली पडी हैं। Shabdankan.com इन सभी रचनाओं को एक स्थान पर लाने का एक प्रयास मात्र है। रचनाकार स्वयं अपनी रचनाओं को Shabdankan.com में संकलित करना चाहते हैं; क्योंकि इससे रचनाकार को विश्वभर में पढा़ और सराहा जा सकता है। Shabdankan.com के प्रशंसको में हिन्दी के बहुत से प्रख्यात रचनाकार भी शामिल हैं। और बहुत से रचनाकार जो अभी Shabdankan.com में संकलित नहीं हैं -वे भी अपनी रचनाओं को Shabdankan.com में संकलित करने के इच्छुक हैं।
देखा गया है कि प्रिंट माध्यम के पाठक और इंटरनेट के पाठक अलग-अलग होते हैं। जो लोग पुस्तक खरीद कर पढ़ने में रुचि रखते हैं -उन्हें इंटरनेट पर उपलब्ध मूल्यरहित सामग्री भी अच्छी नहीं लगती और वे पुस्तक खरीदकर ही पढ़ते हैं। साथ ही लोग पुस्तकें इस लिये भी खरीदते हैं क्योंकि पुस्तकों का घर और पुस्तकालय इत्यादि में संकलन किया जा सकता है और जब चाहे उसे पढ़ा जा सकता है। इसलिये Shabdankan.com, किसी भी रचनाकार या प्रकाशक को किसी भी तरह की आर्थिक हानि नहीं पहुँचाता। इसके विपरीत Shabdankan.com रचनाकार की रचनाओं को वहाँ तक भी पहुँचाता है जहाँ उनकी प्रिंट पुस्तक नहीं पँहुच पाती। इससे रचनाकार के पाठक-समूह में वृद्धि होती है। कविता कोश में पुस्तकों के प्रकाशकों के नाम और पते भी देने की कोशिश की जाती है -इससे उन लोगों को प्रकाशक से सम्पर्क करने में सुविधा होती है जो पुस्तक को खरीदना चाहते हैं।
इस प्रकार Shabdankan.com रचनाकार, प्रकाशक और पाठक; सभी के लिये लाभकर है। इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि कविता कोश हिन्दी और हिन्दी काव्य को विश्व भर में प्रसारित करने का एक सशक्त माध्यम है।
फिर भी यदि किसी रचनाकार / कॉपीराइट-धारक को कोई आपत्ति है तो उनसे अनुरोध कि वह हिन्दी काव्य के प्रचार-प्रसार को ध्यान में रखते हुए, Shabdankan.com के योगदानकर्ताओं से अनजाने में हुई भूल को क्षमा कर दें। यदि कॉपीराइट-धारक को कोई आपत्ति है तो कृपया sampadak@shabdankan.com पर सूचित कर दें। जिन रचनाओं के Shabdankan.com में होने पर उनके कॉपीराइट-धारक आपत्ति प्रकट करेंगे; उन्हें Shabdankan.com से हटा दिया जाएगा।

    Facebook Commment
    Blogger Comment

0 comments :

Post a Comment

osr5366