February 2013 - #Shabdankan

हैदराबाद , खुफिया तंत्र की नाकामी - जनसत्ता

मंगलवार, फ़रवरी 26, 2013 2
    हैदराबाद में बीते गुरुवार को हुए धमाकों पर स्वाभाविक ही विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया और संसद के दोनों सदनों में खुफिया तंत्र की...
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चार कविता - रश्मि प्रभा

सोमवार, फ़रवरी 25, 2013 1
एक नाम से बढ़कर जीवन अनुभव होता है एक ही नाम तो कितनों के होते हैं नाम की सार्थकता सकारात्मक जीवन के मनोबल से होती है हवाओं का रूख जो ...
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कविता में कवि-मन दिखाई देना चाहिए- लीलाधर मंडलोई

रविवार, फ़रवरी 24, 2013 2
     24 फरवरी, 2013, नयी दिल्ली - विनोद पाराशर      सिरीफोर्ट आडिटोरियम के नजदीक वरिष्ठ चित्रकार अर्पणा कौर की ’ एकेडमी आफ फाइन आर्ट एण्...
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शिशु और शव का मिटता फर्क - प्रेम भारद्वाज

रविवार, फ़रवरी 24, 2013 1
शिशु और शव का मिटता फर्क      दोस्तोएवस्की ने कहा था कि अगली शताब्दी में नैतिकता जैसी कोई चीज नहीं होगी। गुलजार के सिनेमाई गीतों पर आध...
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आयोजन: बंगीय हिन्दी परिषद्‍ -स्थापना दिवस

शनिवार, फ़रवरी 23, 2013 0
     १५ फरवरी, कोलकाता     ‘निराला’, ‘सुकुल’ जयन्ती का आयोजन कोलकाता की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था बंगीय हिन्दी परिषद्‍ में वाणी के प्रा...
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सिनेमा के सौ साल की अनकथ कथा - डॉ. सुनीता

शुक्रवार, फ़रवरी 22, 2013 0
      सिनेमा के सौ साल पूरे होने की ख़ुशी में हो रहे आयोजनों में हिंदी पत्र पत्रिकाएं भी अपनी जिम्मेवारी से दूर नहीं हैं, हाँ कुछ पत्रिक...
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"वे हमें बदल रहे हैं..." राजेन्द्र यादव | बलवन्त कौर

शुक्रवार, फ़रवरी 22, 2013 0
     बीते दिनों राजधानी के प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में राजेन्द्र यादव जी के लेखों के नए संकलन है 'वे हमें बदल रहे ह...
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विश्वनाथ प्रसाद तिवारी बने साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष

मंगलवार, फ़रवरी 19, 2013 0
नई दिल्ली, 18 फरवरी।    सुपरिचित कवि और आलोचक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी को सोमवार को यहां सर्वसम्मति से साहित्य अकादेमी का अध्यक्ष चुना गय...
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कवितायेँ - डॉ. अनिता कपूर

मंगलवार, फ़रवरी 19, 2013 3
नहीं चाहिए अब तुम्हारे झूठे आश्वासन मेरे घर के आँगन में फूल नहीं खिला सकते चाँद नहीं उगा सकते मेरे घर की दीवार की ईंट भी नहीं बन स...
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किसी एक फिल्म का नाम दो - ओम थानवी

सोमवार, फ़रवरी 18, 2013 0
     ‘पथेर पांचाली’ (1955) से लेकर ‘आगंतुक’ (1991) तक सत्यजित राय ने पूरे छत्तीस वर्ष काम किया और छत्तीस फिल्में बनाईं. यानी हर साल एक फिल...
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दिव्या शुक्ला: तुम्हारे वज़ूद की खुशबू - कवितायेँ

गुरुवार, फ़रवरी 14, 2013 3
दिव्या शुक्ला जन्मस्थान: प्रतापगढ़ निवास: लखनऊ रूचि: मन के भावो को पन्नो पर उतारना कुछ पढना ,कभी लिखना सामाजिक कार्यों में योग...
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कहानी "थप्पड़" ... श्याम सखा 'श्याम'

मंगलवार, फ़रवरी 12, 2013 1
     झूठी कहानी लिखना, मेरे वश की बात नहीं है । क्योंकि झूठी कहानी लिखने वाले को, सच का गला घोंट कर मारना पड़ता है । वैसे सच कभी नहीं म...
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