कविता की विधा पर लीलाधर मंडलोई | Leeladhar Mandloi at book launch of poetry collection Gulmohar

30 कवियों की प्रतिनिधि कविताओं का संग्रह "गुलमोहर" 





सान्निध्य :
लीलाधर मंडलोई, वरिष्ठ कवि
सुमन केशरी, वरिष्ठ कवयित्री
लक्ष्मी शंकर वाजपेई, वरिष्ठ कवि-गीतकार
ओम निश्चल, वरिष्ठ कवि-लेखक

स्थान : हिंदी भवन
दिन : 16 नवम्बर 2013
समय : दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक


गुलमोहर के प्रतिभागी रचनाकार :

अपर्णा अनेकवर्णा, अरुण शर्मा अनंत, अशोक अरोड़ा, आभा खरे, अनुराग त्रिवेदी, नीलिमा शर्मा,
शलिनी रस्तोगी, किशोर खोरेन्द्र, रंजू भाटिया, बोधमिता, उपासना सियाग, नीलू पटनी, दिवेन्द्र सिंह, दीपक शुक्ला, ऋता शेखर, संध्या जैन, महिमा मित्तल, सत्यम शिवम, हुकम चंद भास्कर,
गुंजन श्रीवास्तव, नितीश मिश्रा, हरी शर्मा, विवेक अरोरा, भरत तिवारी, राज रंजन, कुमार जेमिनी शास्त्री, पवन अरोड़ा, अंजु चौधरी, मुकेश कुमार सिन्हा
https://www.facebook.com/gulmoharsangrah

इन वेबसाइटों से आप गुलमोहर की प्रतियाँ प्राप्त कर सकते हैं-


@Snapdeal: http://www.snapdeal.com/product/gulmohar/1909245992 (मात्र रु 105 में, कैश ऑन डिलीवरी सुविधा के साथ, अगर आप प्रतिभागी कवियों और संपादकों द्वारा हस्ताक्षरित प्रति पाना चाहते हैं तो इसी वेबसाइट से बुक करें)

@Homeshop18: http://www.homeshop18.com/gulmohar/author:mukesh-kumar-sinha/books/poetry/product:31025581/cid:10938 (मात्र रु 108 में, कैश ऑन डिलीवरी सुविधा के साथ, घर मँगाने का कोई अतिरिक्त खर्च नहीं)

@Infibeam: http://www.infibeam.com/Books/gulmohar-hindi-anju-anu-chaudhary-mukesh/9789381394595.html (मात्र रु 120 में, कैश ऑन डिलीवरी सुविधा के साथ)

@BookAdda: http://www.bookadda.com/books/gulmohar-anju-anu-9381394598-9789381394595 (मात्र रु 143 में, कैश ऑन डिलीवरी सुविधा के साथ)

*कैश ऑन डिलीवरी का आशय यह है कि आपको इस किताब को ऑनलाइन खरीदने के लिए क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ट/नेट बैंकिंग आदि के माध्यम से पहले मूल्य नहीं चुकाना है, बल्कि जब किताब आपके घर पहुँच जाए तो कोरियर वाले को नगद पैसे देने हैं।
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

2 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

Hindi Story आय विल कॉल यू! — मोबाइल फोन और रूपा सिंह की हिंदी कहानी
नासिरा शर्मा के उपन्यास 'शाल्मली’ के बहाने स्त्री विमर्श पर चर्चा —  रोहिणी अग्रवाल
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
वह कलेक्टर था। वह प्रेम में थी। बिल उसने खुद चुकाया। | ग्रीन विलो – अनामिका अनु
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
संस्मरण : मैं महाकवि निराला जी से मुखातिब हुआ था - प्राण शर्मा Memoirs : Mai Mahakavi Nirala Se mukhatib Hua - Pran Sharma
अनामिका की कवितायेँ Poems of Anamika
'रक्षा-बन्धन' — विश्वम्भरनाथ शर्मा कौशिक की कहानी | Rakshabandhan - Vishwambharnath Sharma Kaushik