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साहित्यिक, सामाजिक ई-पत्रिका Shabdankan


ताज़ा है

ममता कालिया

संपाद्य्कम

ताज़ा तरीनमः

अधिकम्

दामिनी यादव की कविता—अंडा-करी और आस्था

Wednesday, October 09, 2019 0
बाकी बहुत ज़्यादा बातें तो मैं जानती नहीं, पर जो समझ पाती हूं वो और है और जो समझाई जाती हूं वो और है... अंडा-करी और आस्...
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निधीश त्यागी की भाषा में एक बेहतरीनपन है — तीन कविताएं

Wednesday, October 09, 2019 0
... जगह दो थोड़ी सी    इस वक्त़ की हबड़ातबड़ी में    इस दुनियादारी के जंजाल में ... निधीश त्यागी की भाषा में एक बेहतरीनपन...
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मधु कांकरिया की कहानी — 'उसमें उसको ढूँढने की कोशिश में' | Madhu Kankaria

Monday, October 07, 2019 0
एक बेहतरीन कहानी जैसे 'आवारा मसीहा' ... उसमें उसको ढूँढने की कोशिश में — मधु कांकरिया  कुछ यादें बड़ी ढीठ होती हैं। ...
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बलात्कार के ख़िलाफ़ आवाज़ में सहूलियत का एजेंडा — 'देह ही देश' पर अंकिता जैन

Sunday, September 29, 2019 0
देह व्यापार हो या बलात्कार, हम हायतौबा भी अपनी सहूलियत और अपने एजेंडा के हिसाब से मचाते हैं। मेरे शहर में कोई बलात्कार हुआ तो मैं...
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दिव्या विजय की कहानी — यारेग़ार | Divya Vijay Ki Kahani — Yaaregaar

Saturday, September 28, 2019 0
अब अब्बा टीवी नहीं देखते, अख़बार पढ़ना भी इन दिनों छूट गया है। दुकान से लौटकर अम्मी के पास बैठे ज़रूर रहते हैं लेकिन बोलते कुछ नह...
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