अशोक वाजपेयी को पोलैण्ड का "बने मेरितो" सम्मान Poland's "Bene merito" to Ashok Vajpeyi

अशोक वाजपेयी को दूसरा पोलिश सम्मान

हिन्दी कवि-आलोचक और संस्कृतिकर्मी अशोक वाजपेयी को पोलैण्ड सरकार के विदेश मंत्रालय ने अन्तरराष्ट्रीय क्षेत्र में विशेषतः पोलैण्ड और भारत के बीच संबंध गहरा करने में योगदान के लिए बने मेरितो (Bene merito)* सम्मान से विभूषित करने का निश्चय किया है।
        इससे पहले उन्हें पोलिश सरकार ने अपने उच्च सिविल सम्मान आफ़िसर ऑफ़ द आर्डर ऑफ़ क्रास 2004 से पुरस्कृत किया था।
       अलंकरण 6 मई 2014 को पोलैण्ड के संविधान दिवस के अवसर पर भारत में उसके राजदूत एक विशेष समारोह में प्रदान करेंगे ।

उधर गोवा विश्वविद्यालय ने श्री वाजपेयी का वहाँ बोरकर पीठ पर अतिथि-आचार्य के रुप में कार्यकाल अगले दो वर्षों के लिए बढ़ा दिया है।

* बने मेरितो पोलैण्ड सरकार के द्वारा प्रदान किया जाने वाला वो गौरव-प्रतिक है जिसे वह उन पोलैण्ड अथवा विदेशी नागरिकों को देती है, जिन्होंने विदेश में पोलैण्ड को बढ़ावा दिलाया हो. 
The “Bene merito” honorary distinction is conferred upon the citizens of the Republic of Poland and foreign nationals in recognition of their merits in promoting Poland abroad.

nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
लिहाफ़ - इस्मत चुगताई की कहानी | Lihaf by Ismat Chugtai
 प्रत्यक्षा के उपन्यास शीशाघर पर राजीव कुमार का गहन पाठ
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
वह बुद्धिमान है और… : अनामिका अनु की तीखी कहानी
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
पानियों पर लिखे बेवतन लोगों के अफ़साने — कहानी — मधु कंकरिया | Hindi Story on Stranded Pakistanis by Madhu Kankaria
परिन्दों का लौटना: उर्मिला शिरीष की भावुक प्रेम कहानी 2025