काशीनाथ सिंह, मृदुला गर्ग सहित 113 साहित्य शिल्पी सम्मानित | UP Hindi Sansthan Awards 2014 - Photographs


हिन्दी दिवस के मौके पर सोमवार 14, सितम्बर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वरिष्ठ कथाकार काशीनाथ सिंह को ‘भारत-भारती सम्मान’ से अलंकृत किया



उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की ओर से यशपाल सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में संस्थान की ओर से घोषित 113 साहित्य शिल्पियों को पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार वर्ष 2014 में प्रकाशित पुस्तकों पर प्रदान किए गए।

संस्थान का सर्वोच्च ‘भारत-भारती सम्मान’ ‘रेहन पर रघु’ उपन्यास के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार पाने वाले मशहूर कथाकार काशीनाथ सिंह को दिया गया। भारत भारती सम्मान स्वरूप चयनित साहित्यकार को पांच लाख रुपए की धनराशि प्रदान की गयी।

वहीं ‘लोहिया साहित्य सम्मान’ कथाकार मृदुला गर्ग को दिया गया। भारत-भारती और लोहिया साहित्य के सम्मान के साथ ही पुरस्कारों के क्रम में चार लाख रुपए धनराशि के  पुरस्कार के तहत विनोद कुमार शुक्ल को  ‘हिन्दी गौरव सम्मान’, डॉ. कृष्ण बिहारी मिश्र को ‘महात्मा गांधी सम्मान’, प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र को ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय साहित्य सम्मान’ और कर्नाटक हिन्दी प्रचारक समिति को ‘राजश्री पुरुषोत्तम दास टंडन सम्मान’ से नवाजा गया।

इसी तरह, दो लाख रुपए धनराशि के पुरस्कार की शृंखला में प्रताप दीक्षित, डॉ. पुष्पा भारती, राजकृष्ण मिश्र, डॉ. रामकठिन सिंह, डॉ. रंगनाथ मिश्र, डॉ. रमा सिंह, कमल नयन पाण्डेय, मोहन दास नैमिशराय, बलराम और उमाशंकर सिंह यादव को ‘साहित्य भूषण सम्मान’ से अलंकृत किये गए।

संस्थान की ओर से वर्ष 2014 में प्रकाशित पुस्तकों पर नामित पुरस्कार 50 हजार रुपए की धनराशि के साथ 28 पुस्तकों के लिए दिए गए। इसके अलावा पुस्तकों के लिए ‘सर्जना पुरस्कार’ 20 हजार रुपए के लिए 30 पुस्तकों पर भी दिए गए।
००००००००००००००००
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

अनुपमा गांगुली का चौथा प्यार : विजयश्री तनवीर : लोकल ट्रेन, मातृत्व और एक अधूरी मोहब्बत की मार्मिक कहानी
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
महादेवी वर्मा की कहानी बिबिया Mahadevi Verma Stories list in Hindi BIBIYA
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
 प्रत्यक्षा के उपन्यास शीशाघर पर राजीव कुमार का गहन पाठ
मालिनी अवस्थी लाइव : नयन की मत मारो तलवरिया @maliniawasthi
असग़र वजाहत : श्रेष्ठ साहित्य मुद्दों की पहचान से ही नहीं बनता
चाइल्ड इज़ द फ़ादर ऑफ़ मैन | वंदना राग | सरकफंदा उपन्यास अंश
परिन्दों का लौटना: उर्मिला शिरीष की भावुक प्रेम कहानी 2025
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा