Book Review: नवल शुक्ल की पुस्तक - तिलोका वायकान


तिलोका वायकान

नवल शुक्ल की पुस्तक


Tiloka Waikan by Naval Shukla
श्री नवल शुक्ल की पुस्तक “तिलोका वायकान”, हिन्दी का पहला नृतत्व शास्त्रीय #उपन्यास. वरिष्ठ आलोचक श्री रवीन्द्र त्रिपाठी, #शब्दांकन_फेसबुक_लाइव 7 जून, शाम 6 बजे, कार्यक्रम 'एक पुस्तक पर पाँच मिनट' - प्रस्तुति भरत एस तिवारी
Posted by शब्दांकन Shabdankan on Sunday, 7 June 2020

 ००००००००००००००००




nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
Hindi Story: कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानी
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा
कहानी ... प्लीज मम्मी, किल मी ! - प्रेम भारद्वाज