'केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान' 2021 के लिए रचनाएं / संस्तुति आमंत्रित | Kedarnath Singh Smriti Samman 2021


एक हिंदी व एक अन्य भारतीय भाषा कवि को दिया जाएगा 'केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान'

हिंदी की साहित्यिक पत्रिका ‘साखी’ ने कवि केदारनाथ सिंह की याद में वर्ष 2021 से दो युवा कवियों को हर साल ‘केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान’ देने का निर्णय लिया है। देश-विदेश के कवियों, लेखकों, आलोचकों और सम्पादकों से ‘केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान’ के लिए संस्तुतियां आमंत्रित हैं। इसके अंतर्गत हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं के कवियों का नाम प्रस्तावित किया जा सकता है। 

सम्मान के तहत एक पुरस्कार हिंदी के कवि और एक पुरस्कार अन्य भारतीय भाषाओं के एक कवि को दिया जाएगा। सम्मान  की धनराशि ₹ 25000 प्रति पुरस्कार होगी। 

अंतिम तिथि: 20 अक्टूबर 2021 


नियम
संस्तुति करने अथवा नाम भेजने से पूर्व  सम्मान के नियम आदि जान लें। नियम और शर्तें पूरी न करने वाले नामों पर विचार नहीं होगा। 
  1. कवि की विगत कैलेंडर वर्ष 2018, 2019, 2020  में प्रकाशित ‘कविता पुस्तक’ के प्रथम संस्करण पर पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। 
  2. पुस्तक प्रकाशन वर्ष तक उनकी आयु 35 वर्ष होनी चाहिए। 
  3. पुरस्कार  हेतु मौलिक कृति ही प्रस्तावित करें।  
  4. अनुवाद कार्य के लिए पुरस्कार पर विचार नहीं किया जायेगा।

नोट कीजिए:
  • नाम प्रस्तावित करने के साथ 
  • कवि और उसकी रचना का संक्षिप्त परिचय प्रेषित करें। 
  • ‘कविता पुस्तक’ की डाक से तीन प्रतियां भेजें अथवा पीडीएफ़ फाइल अवश्य संलग्न करें। 

  • संस्तुतियों से इतर पात्रता रखने वाले नामों पर भी चयन समिति विचार करने को स्वतंत्र होगी।  
  • चयन समिति के निर्णयानुसार पुरस्कार की घोषणा प्रतिवर्ष दिनांक 19 नवंबर  को की जायेगी। 
  • आयोजन के लिए दस सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। 
  • चयन समिति का निर्णय घोषित होने के दो महीने के भीतर वाराणसी में केदारनाथ स्मृति समारोह का आयोजन किया जायेगा। 
  • पुरस्कार के लिए चयन यथासंभव सर्वसम्मति से किया जायेगा। इसके अभाव में बहुमत से निर्णय किया जायेगा। निर्णायक समिति का फैसला  अंतिम होगा। 

वर्ष 2021 के लिए पांच सदस्यीय चयन समिति  सदस्य हैं:
  1. श्री अरविन्दाक्षन
  2. श्री चन्द्रकांत पाटिल
  3. श्री  राजेश जोशी
  4. श्री अरुण कमल
  5. सुश्री अनामिका। 

नाम और संस्तुतियां भेजने का पता तथा ईमेल :
'केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान, 
‘साखी’ कार्यालय, 
बी-2, सत्येन्द्र कुमार गुप्त नगर, 
लंका, 
वाराणसी 
००००००००००००००००

nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
Hindi Story: कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानी
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
फ्रैंक हुजूर की इरोटिका 'सोहो: जिस्‍म से रूह का सफर' ⋙ऑनलाइन बुकिंग⋘
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'
NDTV Khabar खबर