परिचय: ज़किया ज़ुबैरी



ज़किया ज़ुबैरी


जन्मः  01 अप्रैल;   
स्थानः लखनऊ
मातृ भाषाः हिन्दी,  
बचपन एवं स्कूली शिक्षाः आज़मगढ़, इलाहाबाद।
शिक्षाः स्नातक, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय।

सहज सरल स्वभाव की विदुषी ज़किया जी को बचपन से ही सृजनात्मक लेखन एवं चित्रकारी में रुचि रही है। आप हिंदी, अंग्रेज़ी एवं उर्दू तीनों भाषाओं में समान अधिकार रखती हैं। ज़क़िया जी की रचनाएं पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रहती हैं। आपकी भाषा में गंगा जमुनी तहज़ीब की सुगंध है। ज़किया जी ने कम किंतु स्तरीय लिखा है। ज़किया जी उन लेखिकाओं में से हैं जो स्वयं को प्रमोट न कर दूसरे लेखकों को मंच प्रदान करने में संतुष्टि महसूस करती हैं। आप एशियन कम्यूनिटी आर्ट्स नाम की संस्था की अध्यक्षा हैं। आपने नृत्य, संगीत, गीत एवं लेखन क्षेत्र में बहुत से नये नर्तकों, गायकों, एवं लेखकों को लंदन में मंच प्रदान करवाया है।
लेबर पार्टी के टिकट पर तीन बार चुनाव जीतने वाली ज़किया जी लंदन के बारनेट संसदीय क्षेत्र के कॉलिंडेल वार्ड की पहली और एकमात्र मुस्लिम महिला काउंसलर हैं। आप ग़रीबों और कमज़ोरों की लड़ाई पूरी शिद्दत से लड़ती हैं और उन्हें सरकार से उनके हक़ दिलवाने के सफल प्रयास करती हैं।
आपने हिन्दी और उर्दू के साथ-साथ भारत और पाकिस्तान बीच की दूरियां पाटने के लिये बहुत से प्रयास किये हैं। आप साहित्य के माध्यम से इन दूरियों को पाटने में विश्वास रखती हैं।
आप ने लंदन में बसे गायक शमील चौहान द्वारा गाई एवं संगीतबद्ध की ग़ज़लों की सी.डी. जारी की। इसके साथ साथ हिन्दी लेखकों की कहानियों का उर्दू में अनुवाद एवं पुस्तक रूप में प्रकाशन कराया और उनकी ऑडियो सीडी भी बनवाईं। आपने ब्रिटेन के उर्दू लेखकों की कहानियां हिंदी में अनुवाद करवा कर  संपादित किया है और ब्रिटेन की उर्दू क़लम के नाम से प्रकाशित किया है। विश्व भर के हिन्दी ग़ज़लकारों के ग़ज़लों के संग्रह समुद्र पार हिन्दी ग़ज़ल का संपादन किया है।
जनवरी 2007 में खाड़ी हिन्दी सम्मेलन में ज़किया ज़ुबैरी ने हिन्दी एवं उर्दू के बीच की दूरियों को घटाने के लिये महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कहानी मेरे हिस्से की धूप के लिए आपको इंटरनेट पत्रिका अभिव्यक्ति ने वर्ष 2008 में पांच हज़ार रुपए का पुरस्कार दिया। आपकी कहानियाँ हँस, गगनांचल एवं रचना समय जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती है।
संप्रतिः काउँसिलर, बॉरो ऑफ बारनेट-लंदन
संपर्कः 115 The Reddings, Mill Hill, London NW7 4JP.
ई-मेलः zakiiaz@gmail.com
दूरभाषः (मोबाइल) – 00-44-(0)7957353390

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
हिन्दी कहानी 'अज़ाब' - विजयश्री तनवीर | Vijayshree Tanveer - Hindi Story - Azab
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
पानियों पर लिखे बेवतन लोगों के अफ़साने — कहानी — मधु कंकरिया | Hindi Story on Stranded Pakistanis by Madhu Kankaria
समीक्षा: मुजीब रिज़वी की किताब ‘सब लिखनी कै लिखु संसारा: पद्मावत और जायसी की दुनिया’ — दिव्या तिवारी | Padmavat Aur Jayasi Ki Duniya
Hindi Story: 'शतरंज के खिलाड़ी' — मुंशी प्रेमचंद की हिन्दी कहानी
परिन्दों का लौटना: उर्मिला शिरीष की भावुक प्रेम कहानी 2025
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा