नामवर सिंह जन्मशती : आलोचना की उस परंपरा को नमन जिसने हिंदी साहित्य को नई दृष्टि दी 28 जुलाई 2026 हिंदी के अप्रतिम आलोचक, चिंतक, अध्यापक और साह…
आगे पढ़ें »बुंदेलखंड की लोक परंपरा में ईसुरी की फागों का विशेष स्थान है। सर्जक से आगे सृजन लेखक : रवीन्द्र त्रिपाठी …
आगे पढ़ें »देवेंद्र राज अंकुर: रंगमंच के विश्वकोश अजित राय
आगे पढ़ें »'गीताश्री की पसंदीदा किताबें' की तीसरी कड़ी में पढ़ें वरिष्ठ लेखक अवधेश प्रीत के उपन्यास रुई लपेटी आग (राजकमल प्रकाशन) की समीक्षा ~ सं0
आगे पढ़ें »सिने-सोहबत अमर सिंह चमकीला धार्मिक कट्टरपंथियों की राजनीति और दमित कामुकता पर इम्तियाज़ अली का एक धारदार व्यंग्य ::पंकज दुबे मशहूर बाइलिंग्वल…
आगे पढ़ें »वरिष्ठ साहित्यकार हृषीकेश सुलभ के उपन्यास 'अग्निलीक' की सुंदर समीक्षा करते हुए, आलोचकों को ज़रा घेरते हुए, गीताश्री अपने कॉलम 'गीताश्री क…
आगे पढ़ें »खूबसूरत गद्य पाठक की कमज़ोरी होता है। यदाकदा उसकी यह तलाश गीताश्री भी अपने बेहतरीन लेखन से पूरी करती रहती हैं। शब्दांकन की इस नई सीरीज़ ' गीताश्री…
आगे पढ़ें »विष्णु नागर को निराला स्मृति सम्मान आज दिया जाएगा। इस मुबारक मौक़े पर पढ़िए पल्लव लिखित सुंदर-सुंदर गद्य ‘नागर के संमरण’ जिसमें वे चेताते हुए लिखते …
आगे पढ़ें »प्रभात रंजन के हाल ही में प्रकाशित, चर्चित उपन्यास 'क़िस्साग्राम' का एक अंश आप पढ़ चुके हैं ( लिंक ) अब पढ़ें उपन्यास पर युवा समीक्षक अनुरंजनी …
आगे पढ़ें »रवींद्र कालिया संपादित ‘नया ज्ञानोदय’ का प्रेम महाविशेषांक (नवंबर, 2009) के पुनर्प्रकाशन (जिसमें पहले ममता कालिया की कहानी निर्मोही आ चुकी है) में …
आगे पढ़ें »साहित्यकार गीताश्री ने बिहार की पाँच कवयित्रियों - उपासना झा, नताशा, निवेदिता, सौम्या सुमन और पूनम सिंह की कविता पर यह आलेख लिखकर बहुत ज़रूरी काम किय…
आगे पढ़ें »दर्द हो मेरा, दवा भी हो... समीक्षा: उपन्यास (इरा टाक) 'लव ड्रग' कमलेश वर्मा
आगे पढ़ें »"संगीता के युवा मन में पीढ़ियों की जड़ें गहरी हैं। इन कविताओं को पढ़कर ऐसा लगता है संगीता संकेत में कुछ कह रही हैं।" जिस पुस्तक की समीक्षा …
आगे पढ़ें »समीक्षा / गांधी और सरला देवी चौधरानी : बारह अध्याय / अलका सरावगी Book Review / Gandhi Aur Saraladevi Chaudhrani : Barah Adhyay/ Alka Saraogi स्वत…
आगे पढ़ें »समीक्षा लिखते समय यदि लेखक यह याद रखे कि गद्य पढ़ने का आनंद उसके प्रवाह में होता है, तो वह विजय पंडित द्वारा लिखित, हाल में आयी किताब — अवसाद का आनंद…
आगे पढ़ें »आज 8 जनवरी को प्रबोध कुमार, प्रेमचंद के नाती, अमृतराय के भांजे, बेबी हालदार के मेंटर के जन्मदिन पर प्रिय कथाकार शर्मिला जालान की उनके कहानी संग्रह …
आगे पढ़ें »इन्दिरा दाँगी के उपन्यास ‘विपश्यना’ की आलोचना | Critical review Indira Dangi's novel 'Vipshyana' विपश्यना : जीवन-सत्य का अन्वेषण डॉ व…
आगे पढ़ें »कथाकार अखिलेश की कहानी 'अँधेरा' 21वीं सदी की तान पर टूटने वाली लंबी कहानी है। "वजूद" "यक्षगान" और "ग्रहण" के स…
आगे पढ़ें »लमही का जनवरी-जून (संयुक्तांक) विशेष अंक कथाकार और एंथ्रोपॉलजिस्ट प्रबोध कुमार के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित हैl कुछ लोग प्रबोध कुमार के …
आगे पढ़ें »समीक्षा हो सकता है कि इस मुद्दे की कोई अंतर्कथा हो, लेकिन उनकी अनुपस्थिति खलती है और यह हिदी साहित्य के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है... लमही के अमृत …
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