वनमाली सम्मान 2016 - चित्रा मुद्गल, प्रभु जोशी, मो.आरिफ, विनोद तिवारी


Vanmali Awards, Vanmali Sammaan, Vanmali Katha Sammaan 2016 to Chitra Mudgal, Prabhu Joshi, Md Arif, Vinod Tiwari

चित्रा मुद्गल | प्रभु जोशी | मोहम्मद आरिफ | विनोद तिवारी को

वनमाली सम्मान 


भोपाल। साहित्य और संस्कृति की मानक संस्था वनमाली सृजन पीठ का प्रतिष्ठा प्रसंग वनमाली कथा सम्मान समारोह 5 और 6 अप्रैल को साहित्यिक गरिमा के साथ आयोजित किया जायेगा। इस अवसर पर हिन्दी के बहुचर्चित कथाकारों चित्रा मुद्गल, प्रभु जोशी और मोहम्मद आरिफ को उनके समग्र रचनाकर्म के लिए वनमाली कथा सम्मान से विभूषित किया जायेगा। इसी के साथ युवा आलोचना सम्मान के लिए विनोद तिवारी और साहित्यिक पत्रकारिता पुरस्कार के लिए ‘रचना समय’ (संपादकः ब्रजनारायण शर्मा-हरि भटनागर) का चयन किया गया है। प्रख्यात कथाकार-नाटककार असगर वजाहत और उदय प्रकाश के आतिथ्य में आयोजित अलंकरण समारोह पांच अप्रैल की शाम 6.30 बजे भारत भवन में होगा। इस दो दिवसीय सृजनात्मक समागम में साहित्य-संस्कृति और आलोचना से जुड़े अनेक लब्धप्रतिष्ठ हस्ताक्षर हिस्सा लेंगे। समारोह पहले-पहल प्रकाशन एवं आईसेक्ट विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

वनमाली सम्मान समकालीन कथा, आलोचना और साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में मानवीय मूल्यों की तलाश तथा उनकी पुनप्र्रतिष्ठा के लिए स्थापित द्विवार्षिक पुरस्कार है। यह सम्मान प्रसिद्ध कथाकार चिंतक स्व. जगन्नाथ प्रसाद चैबे ‘वनमाली’ की स्मृति में स्थापित है। जिन्होंने अपने जीवन और साहित्य में सदैव आदर्श मूल्यों की हिमायत की। पूर्व में ममता कालिया, मैत्रेयी पुष्पा, असगर वजाहत, स्वयंप्रकाश, अखिलेश, उदय प्रकाश, मंजूर एहतेशाम, शशांक, सतीश जायसवाल, मनोज रूपड़ा, पंकज सुबीर, कैलाश, वनवासी और आनंद हर्षुल इस सम्मान से विभूषित किये जा चुके हैं। वर्ष 2016 के लिए गठित निर्णायक जूरी में वरिष्ठ कथाकार-संपादक मुकेश वर्मा, पत्रकार-कवि महेन्द्र गगन, कवि-आलोचक बलराम गुमास्ता और वनमाली सृजन पीठ के अध्यक्ष संतोष चौबे शामिल थे।

सृजन पीठ के संयोजक विनय उपाध्याय ने बताया कि 5 अप्रैल को सम्मान अलंकरण समारोह के उपरांत प्रसिद्ध रंगकर्मी डाॅ. देवेन्द्र राज अंकुर के निर्देशन में वनमाली जी की कहानियों का मंचन भारत भवन में होगा। 6 अप्रैल को सुबह 10.30 बजे आईसेक्ट विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित ‘कथा विमर्श’ में आमंत्रित लेखक आलोचक अपने विचार साझा करेंगे। इसी दिन शाम 6.30 बजे स्वराज संस्थान सभाकक्ष में वनमाली सम्मान प्राप्त कथाकारों का रचनापाठ होगा।

००००००००००००००००
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

नासिरा शर्मा के उपन्यास 'शाल्मली’ के बहाने स्त्री विमर्श पर चर्चा —  रोहिणी अग्रवाल
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
वह कलेक्टर था। वह प्रेम में थी। बिल उसने खुद चुकाया। | ग्रीन विलो – अनामिका अनु
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
अनामिका की कवितायेँ Poems of Anamika
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'
संस्मरण : मैं महाकवि निराला जी से मुखातिब हुआ था - प्राण शर्मा Memoirs : Mai Mahakavi Nirala Se mukhatib Hua - Pran Sharma