कहानी : वह बुद्धिमान है और …
हंस, नवंबर 2025 में प्रकाशित
अनामिका अनु
अनामिका अनु की कहानी 'वह बुद्धिमान है और …' एक तेज भागती, डरती-डराती, अधेरों का सच दिखलाती कविता-सी है. ~ भरत तिवारी
लड़की जब भी फोन करेगी, वह नहीं उठाएगा। इससे उसका मान बना रहेगा। उसका जब मन करेगा, वह तब बात करेगा। वह अपने को बुद्धिमान समझता है।
वह आख़िरी कॉल थी।
वह मर गई।
वह खुश था।
वह अपनी शर्त पर रिश्ते बनाता है।
उसने बगल के कमरे में देखा। कमरे में नीम अँधेरा है और बेटी कुर्सी पर उदास बैठी है।
कुत्ता सो रहा है।
वह अपनी हथेली देखता है।
महीनों बाद उसे फिर कोई लड़की मिली है, वह उसे गौर से देखता है।
यह कब मरेगी?
बेटी ज़ोर से दरवाज़ा पटकती है।
वह उठकर दरवाज़े तक जाता है।
उसे फ़र्क़ नहीं पड़ता।
वह सूप पीता है और ज़ोर-ज़ोर से गीत गाने लगता है।
लड़की बार-बार कहती है –
सारे मैसेज़ मिटा दो। वह नहीं मिटाता है। वह रोती है। वह फिर भी नहीं मिटाता है।
वह बुद्धिमान है।
लड़की मर जाती है।
उसे आठ महीने बाद ख़बर मिलती है।
वह फिर भी नहीं मिटाता है।
वह बुद्धिमान है और पुरुष भी …
बिल्ली उसे देखती है। मानो उसमें मनुष्य ढूँढ़ रही हो।
वह बिल्ली को दुत्कारता है और फ़ेसबुक पर एक कार्टून शेयर करता है।
बड़ा-सा वृक्ष धराशायी होकर गिरता है, मरती चिड़ियों का कोलाहल उसे आनंद दे रहा है।
वह हँसता है और किसी स्त्री से फोन पर ज़ोर-ज़ोर से बातें करने लगता है।
आस-पास धुआँ है और आदमी कहकहे लगाकर हँस रहा है।
लड़की का माथा दर्द से फटा जा रहा है। वह बार-बार फोन लगाती है। बार-बार मैसेज लिखती है।
कोई जवाब नहीं।
वह पानी पीती है और सोफ़े पर ही सदा के लिए लेट जाती है।
द क्रैक्स एंड लाइंज़, फ़्रम वेअर यू गेव अप
(The cracks and lines, from where you gave up…)
बजता रहा और वह सुनकर मुस्कुराता रहा। उसकी मौत की ख़बर से उसके भीतर ख़ून दोगुने तेज़ी से बहने लगा।
उसने कद्दू की सब्ज़ी देखी। वह बुदबुदाया – कैरेक्टरलेस वेजिटेबल …
करेला उसे याद आया। उसने पकाया होगा या पकाने से पहले ही मर गई।
उसने अभी तक लोगों को तरह-तरह के दुःख दिए हैं। उसने अभी तक किसी की हत्या नहीं की है।
वह हत्या न भी करे, मगर किसी को आत्महत्या के लिए उकसा तो सकता है।
उसे पता है वह किसी को कितनी अधिक पीड़ा पहुँचा सकता है। उसने पहुँचाया भी। लड़की मर भी गई।
सब दुःखी हैं। वह खुश है। अपने हुनर पर गर्व करते हुए उसने शीशा देखा। शीशे में उसका चेहरा चमक रहा था।
वह बेवक़ूफ़ थी। कितनी दूर से चली आती थी उसे देखने। मौत ऐसे ही खींचती है मूर्ख स्त्रियों को।
उसकी फ़्लाइट तो छूट गई थी, वह कहाँ गई होगी उस दिन!
क्या उसके पास इतने पैसे थे कि वह टिकट कटा सके?
रोते वक़्त उसने मुझे याद किया होगा और मदद के लिए याद करने वालों में मैं आख़िरी भी नहीं रहा होऊँगा।
उसने किसी से मदद नहीं माँगी होगी, स्वयं ही स्वयं की मदद की होगी।
क्या वह मुझे पूरी तरह जान चुकी थी!
पैर फिसलने से कौन मरता है! वह मर गई।
बारिश कितनी तेज़ हो रही थी। अरे, उसके सभी कपड़े गीले थे, वह आयरन वाले को ढूँढ़ती हुई मरी।
जब वह मरी, उसके कपड़े पहले से गीले थे। बारिश में मरे लोगों की लाश पर उसने कभी कार नहीं चलाई।
वह गीत गाते हुए उस पर से कार चला सकता था।
वह चूक गया। उसे तकलीफ़ हुई। उसने शराब पी।
फोन चेक किया। सिगरेट पी और गहरी नींद में सो गया।
उसके कपड़े गीले थे, मेरे सूखे और इस्त्री किए हुए। वह गमछे से चेहरा पोंछता है। उसका चेहरा दमक उठता है।
‘वुमेन ऑफ द रेन’ 1996 से स्टूडियो में पड़ी है। स्वेतलाना टेलट्स ज़िंदा है या मर गई?
पेंटिंग गीली, बहुत गीली हो चुकी है। कोई उस पेंटिंग का मोल बता सका?
वह एक बार में किसी का फोन नहीं उठाता है; और अब कोई ऐसी स्त्री उसके जीवन में बची नहीं, जो उसे दुबारा फोन लगाए।
वह अब सबको फोन लगाता है और कोई उससे मन से बातें नहीं करता है।
अब कोई उसका चेहरा भर देखकर नहीं चहकता। अब कोई उसकी चिंता नहीं करता। अब कोई उसकी आवाज़ सुनने को मरा नहीं जा रहा है।
उसकी बेटी बहुत उदास है… किसने उसे इतना उदास किया है? वह ठहाके लगा रहा है।
वह टूटना न देख पाता है, न सुन पाता है।
वह तोड़ना जानता है और तोड़ता जाता है।
एक दिन सारी बातें ख़त्म हो जाती हैं और उसके पास लंबा जीवन है।
चारों तरफ मौन बरस रहा है।
वह गीला है।
वह बुद्धिमान है और …

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