गलती से मुसलमान समझे गए — अभिसार शर्मा #AbhisarSharma



ये आख़िर हम किस तरह के राक्षस बनते जा रहे हैं

- अभिसार शर्मा

Abhisar Sharma's status in english... translated to Hindi
मुझे हमेशा से इस बात का गर्व था कि भारतीय मीडिया का नज़रिया काफी हद तक सेक्युलर है।

अब ज़रा आज के टाइम्स ऑफ़ इंडिया की इस हेड लाइन को देखिये. "Mistaken as Muslims" … “गलती से मुसलमान समझे गए”। इसका अर्थ यह हुआ कि गौ आतंकवादियों (cow terrorists [sic]) द्वारा बुरी तरह पीटे गए वो दो आदमी अगर सच में मुस्लिम होते, तो हमारे समझ की वर्तमान स्थिति के हिसाब से यह पिटाई जायज होती?

क्या हम मीडियाकर्मियों को इस बात का अहसास है कि आम इंसान की तरह हम भी ऐसी घटनाओं को ‘सामान्य’ बना रहे हैं ? हम साथ-साथ हैं ?

क्या मीडिया होने के नाते हमें इसकी कड़े से कड़े शब्दों में घोर भर्त्सना नहीं करनी चाहिए? (indian media is misusing its freedom) आख़िर कैसे हम सत्ताधारी पार्टी बीजेपी द्वारा बढ़ावा दिये जाने वाले इन गुंडों के द्वारा अपने-ही देशवासियों, चाहे दलित या मुसलमान को ‘बस-एक-सामान’ बनाने दे सकते हैं?

ये आख़िर हम किस तरह के राक्षस बनते जा रहे हैं ?

मुझे बस राहत इन्दौरी का यह शेर याद आ रहा है –

लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है

अगर आप उनके मकानों को जलने देंगे तो भूल जाइये कि अपना घर बचा पाएंगे.

प्लीज...

(अभिसार शर्मा के फेसबुक स्टेटस का हिंदी अनुवाद  (c) : भरत तिवारी )


(ये लेखक के अपने विचार हैं।)
००००००००००००००००

nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
 प्रत्यक्षा के उपन्यास शीशाघर पर राजीव कुमार का गहन पाठ
अनुपमा गांगुली का चौथा प्यार : विजयश्री तनवीर : लोकल ट्रेन, मातृत्व और एक अधूरी मोहब्बत की मार्मिक कहानी
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
महादेवी वर्मा की कहानी बिबिया Mahadevi Verma Stories list in Hindi BIBIYA
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
एक चुनाव और क़िस्मत की दो चाबियाँ! - क़मर वहीद नक़वी | Qamar Waheed Naqvi on Election 2014
परिन्दों का लौटना: उर्मिला शिरीष की भावुक प्रेम कहानी 2025
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा