दिल्ली को लोक रंग से भर रहा है #लोकगाथा_उत्सव


IGNCA आइये

बुधवार को अन्य कार्यक्रमों के अलावा इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र की हरियाली को हिन्दी के चर्चित गायक मोहित चौहान अपने गीतों से और पोषित करेंगे.






राजधानी के इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र में सोमवार को लोकगाथा उत्सव शुरू हुआ है. 6 दिन चलने वाले इस उत्सव में देश भर से करीब 500 लोक-कलाकार हिस्सा ले रहे हैं. राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख के जन्मशताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में लोक व आदिवासी समुदायों के परंपरागत मौखिक लोक महाकाव्यों, गाथागीतों, किंवदंतियों और  उनकी कला व शिल्प को समाज के सामने लाने की जा रही है.

गाथाओं-कथाओं में रची-बसी भारत की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत से जुड़े 100 से अधिक प्रदर्शन इस 6-दिवसीय की बड़ी ख़ासियत है. सुबह ११ से रात ८ बजे तक चलने वाले इस उत्सव में लोक संसार से आने वाली शोभा यात्रायें, लोकगीत , नृत्य, युद्ध कला, अनुष्ठानों का प्रदर्शन हो रहा है. बच्चों के लिए सुबह 11 से 12 बजे, विशेष कार्यक्रम भी हो रहे हैं. चलचित्र प्रदर्शनी एवं व्याख्यानों के साथ ही बीस राज्यों की विभिन्न शिल्पों से सजा बाज़ार भी है, जिसमें पश्चिम बंगाल की कांथा से लेकर राजस्थान की मिनिएचर पेंटिंग और बहुत कुछ शामिल है.











फ़ूड स्टाल्स



दक्षिण तिंडी - कर्नाटक

मिट्ठो गुजरात

कश्मीरी महक

मालवा का जायका

चौबे जी की चाट - ब्रज

महाराज जी का चौका-  राजस्थान

दिल्ली दरबार

पंजाब दी हट्टी

हरियाणवी चटकारे

बिहार का  सत्तू  स्वाद

पहाड़ी रस्याण - उत्तराखंड


पहले दिन के रात्रि-समारोह में रॉयस्टन अबेल द्वारा तैयार किया गया कार्यक्रम 'द मंगनियार सेडक्शन’ लोगों ने बहुत सराहा.

लोकगाथा उत्सव में मंगलवार को 6 राज्यों की शोभायात्रायें, राजस्थान की शिव कथा, झारखंड का संथाली, ओडिशा की युद्धकला पाईका, केरल का मुदीयट्टू अनुष्ठान आदि को मिलाकर 25 से अधिक कार्यक्रम हुए. दूसरे दिन का समापन रूपवाणी वाराणसी के रामचरितमानस पर आधारित नाटक ‘चित्रकूट’ से हुआ. एक घंटे का यह नाटक तीन नृत्यों कथक, छऊ और भरतनाट्यम और बनारस घराने के शास्त्रीय संगीत का समायोजन है.

बुधवार को अन्य कार्यक्रमों के अलावा इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र की हरियाली को हिन्दी के चर्चित गायक मोहित चौहान अपने गीतों से और पोषित करेंगे.

भरत तिवारी

००००००००००००००००
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
चौराहे का पेट्रोल पंप : रीता दास राम की मार्मिक कहानी
इफ़्तार: कहानी से सिनेमा तक
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
'रक्षा-बन्धन' — विश्वम्भरनाथ शर्मा कौशिक की कहानी | Rakshabandhan - Vishwambharnath Sharma Kaushik
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
नासिरा शर्मा के उपन्यास 'शाल्मली’ के बहाने स्त्री विमर्श पर चर्चा —  रोहिणी अग्रवाल
अनामिका की कवितायेँ Poems of Anamika
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
वह कलेक्टर था। वह प्रेम में थी। बिल उसने खुद चुकाया। | ग्रीन विलो – अनामिका अनु