बाबा रामदेव — अगर सरकार गिरानी होती तो खुले-आम गिराता @Sheshprashn


बाबा रामदेव — अगर सरकार गिरानी होती तो खुले-आम गिराता @Sheshprashn

राजनैतिक उठापटक के बीच उत्तराखंड की सरकार गिर गई और राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। 

कोई इसे भीतरी उठापटक बता रहा है तो कोई इसे बाबा रामदेव का मास्टर प्लान कह रहा है। अमित मिश्रा ने बाबा रामदेव से की ऐसे ही कई मसलों पर बात...


लोग कहते हैं कि आपको उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार की वजह से काम करने में दिक्कत हो रही थी इस वजह से आपने उत्तराखंड की सरकार को गिरवा दिया?

बाबा रामदेव : हमें सरकार गिराने की फुर्सत कहां है। अगर हमें सरकार गिरानी ही होती तो हजार दो हजार करोड़ खर्च करके खुलेआम गिराते। हम कुछ भी लुक-छुप कर नहीं करते। जहां तक बात है यहां पर कांग्रेस सरकार में काम में परेशानी की तो अगर ऐसा है तो हम कहीं और चले जाएंगे। हमारे काम से तो उत्तराखंड के लोगों का भला ही हो रहा है। हमारा काम सरकार गिराना-बनाना नहीं है। अगर किसी के पास सबूत है तो सामने लाए।

कुछ लोगों का कहना है कि आप पीएम मोदी से खफा चल रहे हैं?

बाबा रामदेव : यह सब बकवास है। मेरा अब भी उनसे उतना ही स्नेह है जितना पहले था। जरूरी नहीं है कि मैं उनके दरवाजे यह वह मेरे दरवाजे रोज खड़े रहें। जब मेरा कोई काम होता है तो मैं उनसे या अमित शाह जी से बात करता हूं। मेरा काम लाइजनिंग करना नहीं है जो मैं रोज पीएम से बात करता फिरूं। फिलहाल मैंने खुद को राजनैतिक रूप से पीछे कर रखा है। मेरा फोकस आयुर्वेद, आरोग्य, स्वदेश, गौसेवा और एजुकेशन पर है।

आप दिल्ली में होने वाले श्रीश्री रविशंकर के प्रोग्राम में आने वाले थे लेकिन ऐन मौके पर नहीं आए। क्या ऐसा आपने प्रोग्राम पर हो रहे विवादों या श्रीश्री से किसी मनमुटाव की वजह से किया है?

बाबा रामदेव : मैं क्या उस प्रोग्राम में तो कई संत बुलाए गए थे लेकिन कोई नहीं आया। आखिर कोई क्यों नहीं आया इसका जवाब देना मुश्किल है। कोई तो कारण रहा होगा। फिलहाल मैं इसकी गहराई में नहीं जाना चाहता। श्रीश्री मेरे बड़े भाई की तरह हैं और मेरा उनसे कोई कंपीटीशन नहीं है।

आपसे कई लोग इस वजह से भी नाराज हैं कि आप लोगों को भारत माता की जय का नारा लगाने को जरूरी बनाने की बात करते हैं।

बाबा रामदेव : यह विवाद जेएनयू से शुरू हुआ था इसलिए जल्दी ही मैं जेएनयू जाने वाला हूं। वहां जाकर मैं लेफ्ट और राइट दोनों ही विंग के लोगों से खुल कर बात करूंगा।

आपको कन्हैया से बहस करने में डर नहीं लगता?

बाबा रामदेव : मैं क्यों डरूं कन्हैया से?  मैं उससे किसी भी मसले पर तार्किक बहस कर सकता हूं। डरते वो हैं जिनके पास तर्क नहीं होते हैं। मैंने अपना जीवन सामन्तवाद, साम्राज्यवाद, पूंजीवाद और ब्राह्मण से संघर्ष करके बिताया है। मैं इनके बारे में कन्हैया से ज्यादा अच्छी तरह से जानता हूं।

नूडल्स के बाद हर बार पतंजलि के नए-नए प्रॉडक्ट लॉन्च की अफवाहें आती रहती हैं। अब क्या लाने वाले हैं?

बाबा रामदेव : फिलहाल हमारा फोकस एजुकेशन सेक्टर पर काम करने का है और अगले 10 सालों में इस पर हम 20-25 हजार करोड़ रुपये खर्च करेंगे।
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