कृष्ण बलदेव वैद फैलोशिप प्रत्यक्षा और प्रभात रंजन को / Krishna Baldev Vaid Fellowship 2013, 2014 to Pratyaksha and Prabhat Ranjan



वर्ष २०१३ और २०१४ की कृष्ण बलदेव वैद फैलोशिप युवाकथाकर प्रत्यक्षा और प्रभात रंजन को दी जाएगी। वैद फैलोशिप के निर्णायक श्री अशोक वाजपेयी ने बताया कि हाल के बरसों में, मीडिया के दोनों ही प्रकारों – प्रिंट और अंतर्जाल – पर जिन युवा प्रतिभाओं के लेखन से हिंदी कथा-विधा में नए प्रस्थान खुलने के उर्वर संकेत मिले हैं उनमे प्रत्यक्षा और रंजन प्रमुख हैं। श्री वाजपेयी ने कहा, “दोनों ही युवा लेखकों ने अपने कथा संसार के अछूते कथ्य, नवचरी लहज़े, भाषिक आचरण और शैलीगत प्रयोगों से ध्यानाकर्षण किया है।“

फैलोशिप के अंतर्गत दोनों लेखक ‘सतोहल’, हिमाचल प्रदेश में एक माह का लेखकीय प्रवास करेंगे

Krishna Baldev Vaid Fellowship 2013, 2014 to Pratyaksha and Prabhat Ranjan


nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
Hindi Story: कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानी
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
मन्नू भंडारी की कहानी  — 'नई नौकरी' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Nayi Naukri' मन्नू भंडारी जी का जाना हिन्दी और उसके साहित्य के उपन्यास-जगत, कहानी-संसार का विराट नुकसान है
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा