'लमही' को प्रतिष्ठित "सरस्वती पुरुस्कार" 'Lamhi' to get prestigious 'Saraswati Puruskaar'

'लमही' को प्रतिष्ठित "सरस्वती पुरुस्कार"



उ.प्र. हिन्दी संस्थान के वर्ष 2013 के सम्मान, 'शब्दांकन' के पाठकों के लिए अति सुखद समाचार की तरह आ रहे हैं. 'लमही' से हमारा रिश्ता शुरूआती दिनों से ही रहा है और 'लमही' को उ.प्र. हिन्दी संस्थान, लखनऊ का प्रतिष्ठित "सरस्वती पुरुस्कार" जो किसी एक पत्रिका को दिया जाता है, के मिलने की घोषणा हमें हर्षित कर रही है.

'लमही' व प्रधान संपादक श्री विजय राय जी को बहुत-बहुत बधाई.

शब्दांकन परिवार

nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
नासिरा शर्मा के उपन्यास 'शाल्मली’ के बहाने स्त्री विमर्श पर चर्चा —  रोहिणी अग्रवाल
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
NDTV Khabar खबर
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'
फ्रैंक हुजूर की इरोटिका 'सोहो: जिस्‍म से रूह का सफर' ⋙ऑनलाइन बुकिंग⋘
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'