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बलात्कार के ख़िलाफ़ आवाज़ में सहूलियत का एजेंडा — 'देह ही देश' पर अंकिता जैन

September 29, 2019
देह व्यापार हो या बलात्कार, हम हायतौबा भी अपनी सहूलियत और अपने एजेंडा के हिसाब से मचाते हैं। मेरे शहर में कोई बलात्कार हुआ तो मैं...Read More

#पत्र_शब्दांकन | जिस सच में फंतासी की जगह न हो, वह जीने लायक नहीं होता — मृदुला गर्ग

September 24, 2019
#पत्र_शब्दांकन: मृदुला गर्ग  नया ज्ञानोदय, सितम्बर २०१९ कथा-कहानी विशेषांक आदि पर कहते हैं फंतासी को चारों पैरों पर खड़ा होना ...Read More

रवीश कुमार के सम्मान से चिढ़ क्यों! — प्रकाश के रे #RavishKumar

September 22, 2019
‘ आइटी सेल’ मानसिकता  का विषाणु उदारवाद, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की पक्षधरता का दावा करनेवाले के मस्तिष्क को भी संक्रमित कर रहा है ...Read More
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