फूलों की बौछार नहीं ठोस कदम उठाने होंगे - शशि थरूर - चिकित्सक दिवस शुभकामनाएं | Shashi Tharoor on Doctor's Day



धन्यवाद ज्ञापन और फूलों की बौछार नहीं बल्कि हमें ठोस कदम उठाने होंगे 

- शशि थरूर



Hindi Subtitles


नमस्कार! मैं शशि थरूर, अध्यक्ष अखिल भारतीय पेशेवर कांग्रेस. 

1 जुलाई चिकित्सक दिवस होता है। उन अद्भुत, निस्वार्थ मानवतावादी, चिकित्सकों को धन्यवाद देने का दिन, जिन्होंने इस भयावह त्रासदी के समय हमारे लिए काम किया है। मैं स्वयं मरीज रहा हूँ, और हममें से अनेक बीमारी और संकट के समय डॉक्टरों के पास मदद और सहायता के लिए जाते हैं। बावजूद इसके वह कई दफा अकृतज्ञ व्यवहार से गुजरते हैं और अक्सर बदज़बानी और हिंसा का शिकार होते हैं। 

धन्यवाद ज्ञापन और फूलों की बौछार नहीं बल्कि हमें ठोस कदम उठाने होंगे और यह निश्चित करना होगा होगा कि वह हमले तथा किसी भी अन्य तरह के दुर्व्यवहार के शिकार नहीं हो। क्योंकि आपदा की स्थिति में उन्होंने स्वयं अपनी जान की बाज़ी लगाई होती है इसलिए, उन्हें अपने परिवार की रक्षा के लिए  पर्याप्त सुरक्षा मिली होनी चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि हम समाज में उनके स्थान को समझते हुए उनकी सराहना करते हैं।

डॉक्टरों,आपका शुक्रिया! हम आप को सकुशल रखना चाहते हैं, हम आपके परिवार को सुरक्षित रखना चाहते हैं। 

हमें स्वस्थ रखने के लिए आपका धन्यवाद!

जय हिंद 

००००००००००००००००

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'
सावित्री : एक प्रेम कथा | सुमन केशरी का नाटक | शब्दांकन
पानियों पर लिखे बेवतन लोगों के अफ़साने — कहानी — मधु कंकरिया | Hindi Story on Stranded Pakistanis by Madhu Kankaria
समीक्षा: मुजीब रिज़वी की किताब ‘सब लिखनी कै लिखु संसारा: पद्मावत और जायसी की दुनिया’ — दिव्या तिवारी | Padmavat Aur Jayasi Ki Duniya
Harvard, Columbia, Yale, Stanford, Tufts and other US university student & alumni STATEMENT ON POLICE BRUTALITY ON UNIVERSITY CAMPUSES
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
तू तौ वहां रह्यौ ऐ, कहानी सुनाय सकै जामिआ की — अशोक चक्रधर | #जामिया
Hindi Story: 'शतरंज के खिलाड़ी' — मुंशी प्रेमचंद की हिन्दी कहानी