#Shabdankan

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चोका - 1

तुम्हारी याद
डॉ. अनीता  कपूर - कविताएँ,   चोका और लघुकथा kavita choka laghukatha शब्दांकन dr anita kapoor america shabdankan की ओस में भीगी मैं
या बादलों का
पसीना भिगो गया
रही मैं प्यासी
तू बन जा नदिया
हुई मैं रेत
तेरा दिल फिसला
हूँ हवा नहीं
खुशबू हूँ तेरी मैं
न कोई खौफ
न डर ज़हर का
तू इश्क मेरा
अनारकली हूँ मैं
तू कृष्ण मेरा
तेरी ही राधा हूँ मैं
जन्मों की गाथा हूँ मैं

चोका -2

डॉ. अनीता  कपूर - कविताएँ,   चोका और लघुकथा kavita choka laghukatha शब्दांकन dr anita kapoor america shabdankan रिश्ते अजीब
कभी इश्क अजीब
न पूरे कैद
हो पाये हैं, और न
पूरे आज़ाद
खिलखिलाते हुए
रो दिये रिश्ते
देख उम्र छोटी पे
कभी उम्र ही
रो दी छोटे रिश्तों पे
दुखी है हवा
दर्द बेबाक बहा
फफक पड़ी
खुद पर लोरियाँ
हंस रही दूरियाँ

डॉ. अनीता कपूर - कविताएँ, चोका और लघुकथा

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