ब्रजेश पांडेय केस की ज़मीनी पड़ताल — संतोष सिंह




क्या पुलिस बलात्कार के मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी को बचा रही है?

संतोष सिंह, पटना से हैं, 22 फरवरी की देर शाम उन्होंने अपने फेसबुक पर लिखी लम्बी पोस्ट में रवीश कुमार के बड़े भाई ब्रजेश पांडेय के केस की अपनी पड़ताल लिखी है. उनकी वह पोस्ट यहाँ प्रकाशित कर रहा हूँ...

संतोष सिंह की फेसबुक वाल से —

पूरा घर परेशान है अभी अभी बेटी का फोन आया था पापा कहां हैं सुबह से आप एक बार भी फोन नही किये सब ठीक तो है ना, लाइव देख रहे थे आप परेशान दिख रहे थे, क्या हो गया इसी दौरान रंजू फोन लेते हुए बोली रिलेक्स रिलेक्स, होता है होता है, परेशान होने कि जरूरत नही है, सत्य के साथ खड़े रहिए वैसे एक गीत आपको सुनाते हैं।

   बिकने को चललन तीनों प्राणी
   राजा हरिचन्द्र जी दानी।।
   डोम हाथे राजा बिकलन
   ब्राह्मण हाथे सविया रानी।।
   रोहित मरगेलन,
   कफन तक भेलन महग
   आंचल फारी देलहन सविया रानी।।

ये गीत मगही में गायी थी हिन्दी अनुवाद समझने के लिए वही राजा हरिचन्द्र का गाथा है, कैसे सत्य के लिए पूरा परिवार दान कर दिया, आगे रंजू बोली इस देश का यही चरित्र है, परीक्षा हमेशा सत्य के साथ खड़े लोगो को ही देना पड़ता है, बात तो बड़े पत्ते कि बोल गयी, लेकिन मैं खुब हंसा…

चलिए अब आते हैं मुख्य बिन्दु पर, 20 वर्षों के पत्रकारिता जीवन में पहली बार, 24 घंटे बेहद मुश्किल और चुनौती भरा था। जी बात हम बिहार कि कथित निर्भया की कर रहे हैं, इस मामले में नामजद और मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी और उसका पूरा परिवार था, लेकिन सोशल मीडिया और एक खास मीडिया घराना इस खबर को इस तरह चला रहे थे, जैसे निखिल प्रियदर्शी गलती से फंस गया सरगना तो ब्रजेश पांडेय है, मेरे हाथ में 170 पेज कि पुलिस डायरी है, एफआईआर कि कांपी है, कोर्ट में पीड़िता द्वारा दिया दया बयान है।


पीड़िता अभी तक तीन बयान दी है जो पुलिस के डायरी में कलमबद्ध है 



1— एफआईआर जिसमें किसी भी तरह के शारीरिक शोषण कि बात नही है, पीड़िता छेड़छाड़ का आरोप निखिल प्रियदर्शी पर और उसके परिवार पर संरक्षण देने का आरोप लगायी है।

2—दूसरा बयान 164 में कोर्ट में दी है, जिसमें निखिल प्रियदर्शी पर शादी की नियत से शारीरिक सम्बन्ध बनाना और फिर वीडियोग्राफी करके ब्लेकमेलिंग का आरोप लगायी है।

3—तीसरे बयान में सब कुछ पुरानी ही बातें है, नयी बात, बोरिंग रोड स्थिति अपार्टमेन्ट में ब्रजेश पांडेय द्वारा जबरदस्ती करने का आरोप लगायी है, साथ ही निखिल से रिश्ते को लेकर फेसबुक चैट और बीस फोटो पुलिस को दी है, जिससे ये साफ दिख रहा है कि इन दोनों के बीच 2015 से ही रिश्ते रहे है... और धीरे-धीरे इनके काफी अंतरंग रिश्ते बन गये, हलांकि पुलिस को निखिल के परिजन की ओर से भी कई व्हाट्सएप मैसेज और फेसबुक चैट कि कांपी दी गयी है, जिसमें एक जगह व्हाट्सएप पर कथित निर्भया के हवाले से ये लिखा है कि निखिल एक करोड़ रुपया और एक ऑडी दे दो, नही तो तुम्हारे सारे परिवार को बर्बाद कर देंगे, वैसे इस सब साक्ष्यों कि फिलहाल फोरेन्सिंक जांच चल रही है, रिपोर्ट नही आया है।

इस मुकदमें में अभी तक पुलिस तीन स्वतंत्र गवाह का बयान दर्ज करवाया है -



1—बोरिंगरोड स्थित पुष्पाजंली अपार्टमेंट कमरा नम्बर 303, इसमें निखिल का दोस्त मृणाल रहता है, उसकी गवाही है, ये 31 दिसम्बर को अपने घर में और 13 जनवरी को पुलिस मुख्यालय में बयान दिया है, पहले और दूसरे दोनों बयान में इन्होंने पीड़िता के इस आरोप को खारिज किया है, जिसमें पीड़िता ने कहा है कि निखिल कोल्डड्रिंक पिलाया और मैं बेहोश होने लगी, इसी दौरान निखिल बाहर निकल गया और फिर ब्रजेश पांडेय ने मेरे साथ छे़ड़छाड़ किया, वैसे मृणाल ने अपने पहले और बाद के बयान में एक बदलाव है, पहले बयान में ब्रजेश पांडेय के आने कि बात नही कहा है, उसमें सिर्फ निखिल और पीड़िता के आने का जिक्र है, लेकिन दूसरे बयान में मृणाल ने ब्रजेश पांडेय का भी नाम लिया था, हालाँकि कल के पोस्ट के बाद आज मृणाल मुझसे मिलने आया था और कहां जो मैं पुलिस के सामने बयान दिया है, उसके अलावा कोई घटना मेरे घर में नही घटा है।

2—गवाह नम्बर दो हैलीलियस का निदेशक संजय कुमार सिंह, जो पीड़िता के पक्ष में कहा है कि निखिल बहुत बड़ा चीटर है और मेरे साथ भी धोखाधरी किया है, इनके बयान में ब्रजेश पांडेय का कोई जिक्र नही है

3—गवाह नम्बर तीन प्रतिभा कुमारी है, जो अपने को सामाजिक कार्यकर्ता बता रही है, इन्होंने जो गवाही दी है उसमें पीड़िता के दर्द को बयाँ की लेकिन ये भी ब्रजेश पांडेय का नाम नही ली है, तो फिर ब्रजेश पांडेय कहां से सीन में आ गये, जरा इसके पीछे का खेल समझिए...

170 पेज कि पुलिस डायरी के अध्ययन से साफ दिख रहा है कि पुलिस मुख्य-अभियुक्त निखिल प्रियदर्शी को बचाने में पूरा सहयोग किया है, 

निखिल की ओर से कोई अजीत कुमार नाम का व्यक्ति के आवेदन को केस डायरी में प्रमुखता से लिया है। उसके द्वारा पीड़िता के जन्मतिथि को लेकर और दो बार मैट्रीक पास करने और उम्र छुपाने को लेकर दिये गये साक्ष्य को पुलिस डायरी में ले आया है...इतना ही नहीं, निखिल और पीड़िता के व्हाट्सएप मैसेज को भी पुलिस डायरी में ले आया है, जिसमें पीड़िता एक करोड़ रुपया और एक ऑडी गाड़ी नही देने पर केस में फंसाने कि बात कह रही है। इस तरह कई और साक्ष्य को पुलिस ने डायरी में ले आया है, जिससे निखिल को केस में मदद मिल सकता है, इतना ही नही पुलिस बड़ी चालाकी से दो स्वतंत्र गवाह पियुस और संजय सिंह से निखिल की पुरानी दुश्मनी रही है, ये भी साक्ष्य के साथ पुलिस ने डायरी में लिख दिया है... मतलब केस ट्रायल में टिक जाये तो बहुत मुश्किल है...



और इसी खेल से ध्यान हटाने के लिए, इस केस में शामिल एक सीनियर आफिसर, जो बिहार सरकार के एक पूर्वमंत्री की रिश्तेदार हैं, ब्रजेश पांडेय की खबर चुपके से मीडिया तक पहुंचा दी, क्योंकि मीडिया के खबर में भी एक माह तक कही भी ब्रजेश पांडेय का नाम नही आया था... और फिर जो हुआ वो सब सामने ही है वैसे इस मामले में कल एक सुपरभिजन एडीजी विनय कुमार ने जारी किया है, जिसमें निखिल प्रियदर्शी को गिरफ्तार करने और अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच करने को कहा है। एडीजी ने निखिल प्रियदर्शी के खिलाफ और साक्ष्य संग्रह करने को कहा है। वैसे विनय कुमार वही ऑफिसर है, जो गया डॉ. दम्पती मामले का उदभेदन कर डॉ. को सकुशल बरामद करया था, हिगौला अपहरण कांड याद होगा गुजरात का व्यापारी इस कांड का उदभेदन, यही किये थे। ऐसे दरइन की पहचान एक ईमानदार तटस्थ और निर्भीक अधिकारी का रहा है इसलिए जिस भी साक्ष्य मिलेगा कार्यवाही तय मानिए।
संतोष सिंह की फेसबुक वाल


(ये लेखक के अपने विचार हैं।)
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