परिचय: मायामृग

maya mrig bodhi prakashan jaipur मायामृग बोधि प्रकाशन जयपुर मायामृग
जन्म - अगस्त २६,१९६५
जन्म स्थान - हनुमानगढ़, राजस्‍थान
शिक्षा -एम ए, बीएड, एम फिल (हिन्‍दी साहित्‍य)
सम्प्रति- बोधि प्रकाशन
अपने बारे में मायामृग कहते हैं -
पिछले तकरीबन 20 साल से जयपुर में हूं
पहले कुछ नौकरियां की, रेडियो में अस्‍थाई, सरकारी स्‍कूल में, एक दो कॉलेजों में पढ़ाया
अखबारों में काम किया, हैंडीक्राफ्ट के काम से जुड़ा रहा, अब प्रकाशन और मुद्रण के काम में
लिखने-पढ़ने की आदत रही, पिताजी की पुस्‍तकों के ढेर से धूल झाड़ते पौंछते किताबों से प्रेम हुआ, जो छूटा नहीं कभी
लेखन-
भाषा- हिन्दी
प्रकाशित पुस्तकें-
1988 में 'शब्‍द बोलते हैं'
1999 में "... कि जीवन ठहर ना जाए"
विधाएं - कविता, कहानी, ललित निबन्‍ध, रेडियो नाटक व व्‍यंग्‍य लेखन
सम्पर्क-
    बोधि प्रकाशन
    एफ 77, करतारपुरा इंडस्‍ट्रीयल एरिया,
    बाइस गोदाम,
    जयपुर - 302006 (राजस्‍थान)
टेलीफोन -
ईमेल : bodhiprakashan@gmail.com
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

2 टिप्पणियाँ

  1. बोधि प्रकाशन की किताबों का चयन और प्रकाशन दोनों ही बहुत अच्छे होते हैं ...नरेंद्र निर्मल

    जवाब देंहटाएं
  2. यहां पुस्‍तके मंगवाता रहता हूं अच्‍छा है ।

    जवाब देंहटाएं

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
चाइल्ड इज़ द फ़ादर ऑफ़ मैन | वंदना राग | सरकफंदा उपन्यास अंश
अवसाद के उल्लास को बांचता एक जीवन -  विजय पण्डित | समीक्षा: जयशंकर प्रसाद की जीवनी | Review of Jaishankar Prasad's Jivani
मृदुला गर्ग की कहानी — सितम के फ़नकार | Hindi Short Story Writers: Mridula Garg
अनुपमा गांगुली का चौथा प्यार : विजयश्री तनवीर : लोकल ट्रेन, मातृत्व और एक अधूरी मोहब्बत की मार्मिक कहानी
शब्द व अन्य कविताएं ~ आकृति विज्ञा 'अर्पण' | Poetry - Akriti Vigya 'Arpan'
एक अलसाए गांव में प्रेम 'फाइंडिग फेनी' - दिव्यचक्षु | Love in a Somnolent Village 'Finding Fanny' review - Divya-Chakshu
 सोनमछरी: दैहिक प्रेम पर निःस्वार्थ प्रेम की जीत - सुशील कुमार भारद्वाज
परिन्दों का लौटना: उर्मिला शिरीष की भावुक प्रेम कहानी 2025