रवीश की रपट - क़िस्सा ए शपथ ग्रहण | Ravish Ki Rapat - Tale of Swearing-in Ceremony

रवीश उस रोज़ रामलीला मैदान से रिपोर्टिंग कर रहे थे, जब अरविन्द शपथ-ग्रहण कर रहे थे. टीवी मैं भी देख रहा था और शपथ-ग्रहण के बाद रवीश, जब वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर रहे थे, बड़ी जिज्ञासा हो रही थी कि क्या बातें हो रही हैं... 
शुक्रिया रवीश की आपने कुछ बाते बतायीं, कुछ ऐसी बातें - जो कभी सुनने मिलेंगी सोचा नहीं था... ये किस्से इतिहास-के-लिखे-जाने के साक्षी किस्से हैं...
भरत   

क़िस्सा ए शपथ ग्रहण

रवीश की रपट


साहब मैं इंकम टैक्स में एल डी सी हूँ। शपथ ग्रहण समारोह में लोगों से हाथ छुड़ा कर तेज़ी से निकल रहा था तभी किसी ने मज़बूती से हाथ खींच लिया। मेरे पास अरविंद केजरीवाल के बहुत किस्से हैं। एक सुना दीजिये। टाइम नहीं है। ग्यारह बजने में कुछ ही मिनट रह गए थे। मुझे लाइव कवरेज के लिए जाना था। अलग-अलग लोगों से कई किस्से सुनाई दिये, क्रमश: लिख रहा हूँ।

       एल डी सी ने अरविंद की कहानी यूँ सुनाई।
एक रोज़ घोर बारिश में मैं सुबह सुबह दफ़्तर पहुँचा। पानी भर गया था। मैं पी डब्ल्यू डी को फ़ोन कर बाहर आया तो देखा कि एक आदमी पतलून मोड़कर झाड़ू चला रहा है। नालियों को साफ़ कर रहा है। मुझे लगा कि दफ़्तर का चपरासी होगा। मैंने कहा कि कंप्लेन कर दिया है। तो उसने जवाब दिया कि पी डब्ल्यू डी वाले तो तीन घंटे में आयेंगे। ज़रा गटर का ढक्कन उठाने में मदद कीजिये। मैंने मदद कर दी। थोड़ी देर में पानी साफ़ हो गया। सबके आने का टाइम हो गया था। कमरे में फ़ाइल लेकर गया तो देखा कि यह तो वही है जो गटर साफ़ कर रहा है। ये तो मेरा कमिश्नर है।

       कहते-कहते अरविंद से उम्र में काफी बड़े लग रहे जनाब ने कहा कि अरविंद ने हम सबको प्रेरित किया। हड़काया नहीं। समझाया कि रिश्वत मत लो। वे हम लोगों को काफी समझाते थे। तब से मैंने रिश्वत लेनी बंद कर दी। मैं हमेशा नान-असेसमेंट की पोस्टिंग लेता हूँ। असेसमेंट की पोस्टिंग के लिए न तो रिश्वत देता हूँ और न लेता हूँ।

       दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने बैरिकेड के दूसरी तरफ़ से मुझे पकड़ लिया। कहा कि आप हमारा मसला क्यों नहीं उठाते। हमें आठ घंटे की शिफ़्ट दे दो। बच्चों के लिए क्रैश होना चाहिए। एक दिन की छुट्टी तो हो हफ्ते में। हम रिश्वत नहीं लेंगे। अभी हम चौबीस घंटे काम करते हैं। कोई छुट्टी नहीं। कौन चाहता कि रिश्वत लें। जिसे बताता हूँ कि कांस्टेबल हूँ वो मुझे चोर समझता है। भाई साहब ईमानदारी की रोटी खाने का दिल करता है। आज यहाँ ड्यूटी लगी है तबीयत मस्त है।

       भागते हुए एक लड़के की आवाज़ सुनाई दी। छोटा सा लड़का होगा। मेरी बहन को जलाकर मार दिया है। कोई केस नहीं हो रहा है।

       मंच के क़रीब पहुँचने ही वाला था कि मैं डेमोक्रेसी पढ़ाती हूँ। यह सही में जनता के लिए जनता के द्वारा वाला लोकतंत्र है। मैं आज अकेले आई हूँ। देखिये इस भीड़ में अकेली बैठी हूँ।

       भाई साहब आज सतयुग आ गया है। तभी किसी ने आवाज़ दी कि आज लगता है कि कृष्ण का जन्म हो रहा है। एक ने कहा जय श्री राम। राम-राज अरविंद लायेंगे।

       आप भी चुनाव लड़ जाओ। पत्रकारिता में कुछ नहीं रखा है। लोगों की सेवा करो। नहीं जी। राजनीति मैं नहीं करूँगा। अरे आप मत करना। हम आपको जीता देंगे। :)

       ये लीजिये अमरूद खाइये। आम आदमी का अमरूद

       मैंने एक आपाई से सवाल कर दिया कि लोग आपके आचरण को देख रहे हैं। जवाब मिला कि हमें अहसास है। क्या है न जी। अभी तक हमें भ्रष्ट नेता मिले हैं तो हम भी वैसे हो गए हैं। अब ईमानदार नेता मिला है तो हम भी हो जायेंगे।

       स्टेशन की वीआईपी पार्किंग में वहाँ के कर्मचारियों के साथ बैठा था। शपथ ग्रहण से लौट कर थक गया था। गणेश ने कहा कि एक बात है गुरु जी। अरविंद की रैली में वो लोग आते हैं जिनकी तनख्वाह पंद्रह से बीस हज़ार है। मोदी की रैली में वो लोग आते हैं जिनकी तनख़्वाह पचास हज़ार से अधिक है।

       ये कहानियाँ खुद को याद दिलाने के लिए लिखीं हैं ।

रवीश के ब्लॉग 'कस्‍बा' http://naisadak.blogspot.in/ से

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
पानियों पर लिखे बेवतन लोगों के अफ़साने — कहानी — मधु कंकरिया | Hindi Story on Stranded Pakistanis by Madhu Kankaria
समीक्षा: मुजीब रिज़वी की किताब ‘सब लिखनी कै लिखु संसारा: पद्मावत और जायसी की दुनिया’ — दिव्या तिवारी | Padmavat Aur Jayasi Ki Duniya
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
Hindi Story: 'शतरंज के खिलाड़ी' — मुंशी प्रेमचंद की हिन्दी कहानी
आज का नीरो: राजेंद्र राजन की चार कविताएं
परिन्दों का लौटना: उर्मिला शिरीष की भावुक प्रेम कहानी 2025
भारतीय उपक्रमी महिला — आरिफा जान | श्वेता यादव की रिपोर्ट | Indian Women Entrepreneur - Arifa Jan