March 2014 - #Shabdankan
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साहित्यिक, सामाजिक ई-पत्रिका Shabdankan


प्रियदर्शन: कविता - यह जो काया की माया है | Poem : Priyadarshan ki Kavita - Yah jo kaya ki maya hai

Monday, March 31, 2014 1
 संसार की रहस्यमयताओं को खोलती प्रियदर्शन की कविता    यह जो काया की माया है                     हाथ ये हाथ हैं जिन्होंने हमें आद...
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शादी के पहले - प्राण शर्मा की एक छोटी सी कहानी | Kahani - Pran Sharma

Monday, March 31, 2014 12
शादी के पहले प्राण शर्मा  - सुसन, मैं तुमसे बेहद प्यार करता हूँ। - मैं भी तुमसे बेहद प्यार करती हूँ - हमें एक दूसरे से मिलते हुए द...
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भारतीय मुसलमान और 2014 का आम चुनाव - शमशाद इलाही शम्स Indian Muslims and the 2014 general election - Shamshad Elahee Shams

Friday, March 28, 2014 3
भारतीय मुसलमान और 2014 का आम चुनाव - शमशाद इलाही शम्स (कनैडा)  यह भारत का पहला ऐसा चुनाव है जिसके एजेंडे से 20 करोड़ मुसलमान और 20 करोड़...
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मैं सेफ सीट का खेल नहीं खेल रहा - अरविंद केजरीवाल (रपट: सिद्धांत मोहन तिवारी) I am not playing game of safe seat - Arvind Kejriwal

Wednesday, March 26, 2014 0
मैं सेफ सीट का खेल नहीं खेल रहा - अरविंद केजरीवाल - सिद्धांत मोहन तिवारी समय तुरत-फुरत बदलावों का है। इस बदलाव भरे समय में बनारस की ...
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सेलेब्रटिंग कैंसर! - विभा रानी Celebrating Cancer - Vibha Rani

Wednesday, March 26, 2014 3
सेलेब्रटिंग कैंसर!            -   विभा रानी  धन तो आप कहीं से भी जुटा लेंगे, लेकिन मन की ताकत आप सिर्फ अपने से ही जुटा सकते ...
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चौं रे चम्पू, "थाई पुण्यवी की अल्पना" —अशोक चक्रधर | Choun re Champoo - Ashok Chakradhar

Tuesday, March 25, 2014 1
चौं रे चम्पू  थाई पुण्यवी की अल्पना   —अशोक चक्रधर —चौं रे चम्पू! कब लौटि कै आयौ बैंकाक ते? —कल रात ही लौटा हूं। तीन दिन पहल...
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तुम्हीं कहो कि यह अंदाज़े गुफ़्तगू क्या है - प्रियदर्शन | Priyadarshan on Khushwant Singh

Sunday, March 23, 2014 1
तुम्हीं कहो कि यह अंदाज़े गुफ़्तगू क्या है विस्थापन और बेदखली की मारी अपनी सदी में वे ऐसे बहुत कम ख़ुशक़िस्मत लोगों में थे जो अपने पि...
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कहानी: अनजाने पते - प्रज्ञा पाण्डेय | Anjane Pate - A love story by Pragya Pandey

Saturday, March 22, 2014 5
अनजाने पते प्रज्ञा पाण्डेय कहीं दीप जले कहीं दिल। ---- ज़रा देख ले आके ओ परवाने , तेरी कौन सी है मंजिल ' गीत का अर्थ समझते घर पहुंच...
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सभी के प्रति द्वेष के साथ - अनंत विजय / Anant Vijay on Khushwant Singh

Friday, March 21, 2014 2
सूना हुआ जीवंत कोना अनंत विजय जिंदगी की पिच पर खुशवंत सिंह शतक से चूक गए जिंदगी की पिच पर खुशवंत सिंह शतक से चूक गए और निन्यान...
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