बहीखाता - विभा रानी Bahikhata : Vibha Rani

बहीखाता 

विभा रानी


(शब्दांकन उपस्तिथि) 

बहुआयामी प्रतिभा की धनी । राष्ट्रीय स्तर की हिन्दी व मैथिली की लेखक, अनुवादक, नाट्य लेखक, थिएटर एक्टर।   

20 से अधिक किताबें प्रकाशित व रचनाएं कई किताबों में संकलित। मैथिली के 3 साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखकों की 6 किताबें 'कन्यादान' (हरिमोहन झा), 'राजा पोखरे में कितनी मछलियां' (प्रभास कुमार चौधरी), 'बिल टेलर की डायरी, जिजीविषा व 'पटाक्षेप', बिसाखन  (लिली रे) हिन्दी में अनूदित। समकालीन फ़िल्म, महिला व बाल विषयों पर गंभीर लेखन, रेडियो के लिए उद्घोषणा व नाटक के साथ फ़िल्म्स डिविजन के लिए डॉक्यूमेंटरी फ़िल्मों जयशंकर प्रसाद भारतेंदु, टीवी सीरियल आकाश का लेखन व वॉयस ओवर (सुरभि) कार्य। मिथिला के 'लोक तत्व' पर गहराई से काम। लोक कथाओं की 2 पुस्तकों 'मिथिला की लोक कथाएं' व 'गोनू झा के किस्से' के प्रकाशन के साथ साथ मिथिला के रीति-रिवाज, लोक गीतों, खान-पान आदि का वृहत खज़ाने से समृद्ध। मैथिली कथा-कविताएं मैथिली की समस्त पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। मैथिली कविताओं के हिन्दी व बांग्ला अनुवाद। मैथिली साहित्य को भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा सर्वप्रथम प्रकाशन का गौरव इन्हें प्राप्त है। ‘77वें सगर राति दीप जरय’ की प्रथम महिला आयोजक। हिन्दी में 4 कहानी संग्रह 'बन्द कमरे का कोरस', 'चल खुसरो घर आपने', इसी देश के इसी शहर में व ‘कर्फ़्यू में दंगा’, मैथिली में एक कहानी संग्रह 'खोह स' निकसइत' तथा मैथिली नाटक भाग रौ व बालचंदा प्रकाशित। मदद करू संतोषी माता चेतना समिति, पटना द्वारा 2011 में मंचित। चीनी कवि आए छिंग की चीनी कविताओं तथा अनेक चीनी कथाओं के मैथिली अनुवाद। इनकी अनूदित मैथिली कथा- कविताएं हिंदी की सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। जेल बंदियों के साथ आर्ट, थिएटर व साहित्य के माध्यम से काम करते हुए विभा के प्रयासों से जेल बंदियों की कई कविताएं हंस, नया ज्ञानोदय, कादंबिनी, आदि पत्रिकाओं में प्रकाशित। महिला व्यंग्य लेखन की कमी को ’छम्मकछल्लो कहिस” ब्लॉग से पूरा करने का अभिनव प्रयास।

एकल नाटक लेखन व मंचन में नया कीर्तिमान। विभा लिखित व अभिनीत एकल नाटक हैं- ‘बालचन्दा”, लाइफ इज नॉट ए ड्रीम, बिम्ब-प्रतिबिम्ब, मैं कृष्णा कृष्ण की, एक नई मेनका (रमणिका गुप्ता), भिखारिन (टैगोर), चंदू मैंने सपना देखा (नागार्जुन), सामा-चकेबा, साध रोए के (मिथिला के लोक पर आधारित), नौरंगी नटिनी (संजीव), सीता संधान.

नाट्य-लेखक व थिएटर एक्टर विभा लिखित नाटक 'दूसरा आदमी, दूसरी औरत' राष्ट्रीय नाटय विद्यालय, नई दिल्ली के अन्तर्राष्ट्रीय नाटय समारोह भारंगम, 2002  में शामिल। अब इसे ’रासकला मंच, हिसार’ व अन्य ग्रुप देश भर में प्रस्तुत कर रहे हैं। इसे महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी का विष्णुदास भावे पुरस्कार, 2011 का प्रथम पुरस्कार दिया गया है। नाटक 'पीर पराई' का मंचन, 'विवेचना', जबलपुर 2004 से देश भर में कर रहा है। 'ऐ प्रिये तेरे लिए' व ‘बालचन्दा” का मंचन मुंबई में व 'अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो'  का मंचन पटना में हुआ. 'आओ तनिक प्रेम करें' व 'अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो' 'मोहन राकेश सम्मान, 2005 से सम्मानित व मंचित है. 'आओ तनिक प्रेम करें' को महाराष्ट्र राज्य द्वारा सर्वोत्तम हिन्दी नाटक, 2013 व विभा को इसी नाटक के लिए सर्वोत्तम महिला कलाकार के रूप में सम्मानित किया गया है।
विभा अभिनीत फिल्में हैं 'धधक', टेली -फ़िल्म 'चिट्ठी' व नाटक हैं- 'दुलारीबाई', 'सावधान पुरुरवा', 'पोस्टर', 'कसाईबाड़ा', ‘रीढ़ की हड्डी’, 'मि. जिन्ना'. 'लाइफ़ इज नॉट अ ड्रीम' के मंचन फिनलैंड के इंडिया फेस्टिवल, राष्ट्रीय थिएटर फेस्टिवल, रायपुर व मुंबई में हुए हैं. बालचन्दा,बिम्ब-प्रतिबिम्ब, मैं कृष्णा कृष्ण की, भिखारिन  के मंचन कालाघोडा आर्ट फेस्टिवल, मुंबई में तथा ‘एक नई मेनका’ के दिल्ली में आरम्भ होने के बाद इनके शो इंदौर, खंडवा, चेन्नै, दिल्ली, मुंबई, रायपुर, पॉंडिचेरी, चेन्नै, सहरसा, पटना, उड़ीसा, हिसार, उज्जैन, इलाहाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, आबूधाबी, दुबई, फिनलैंड सहित देश-विदेश के अन्य भागों में हो रहे हैं.  

'एक बेहतर विश्व- कल के लिए' की परिकल्पना के साथ विभा बहुउद्देश्यीय संस्था 'अवितोको' से जुड़ी हैं। 'रंग जीवन' के दर्शन के साथ कला, रंगमंच, साहित्य व संस्कृति के माध्यम से समाज के 'विशेष' वर्ग, यथा, जेल, वृद्धाश्रम, अनाथालय, 'विशेष' बच्चों के बीच थिएटर व पेंटिंग वर्कशॉप के साथ सार्थक हस्तक्षेप करती हैं। कॉर्पोरेट जगत के लिए बिहेवियरल प्रशिक्षण व मुख्य धारा के लोगों व बच्चों के लिए विविध विकासात्मक प्रशिक्षण थिएटर के माध्यम से लेती हैं।

पुरस्कार: 'कथा अवार्ड, 1999', घनश्यामदास साहित्य सम्मान, 1999, डॉ. माहेश्वरी सिंह 'महेश' सम्मान,1999, 'मोहन राकेश सम्मान,2005', इंडियन ऑयल 'विमेन अचीवर अवार्ड' व दो बार 'सर्वोत्तम सुझाव' सम्मान, लाडली मीडिया अवार्ड,2009, प्रथम राजीव सारस्वत सम्मान,2009, प्रथम व्यंग्य रचनाकार सम्मान,2009, साहित्यसेवी सम्मान, 2011, विष्णुदास भावे पुरस्कार, 2011, सर्वोत्तम महिला नाट्य कलाकार, 2013।

संपर्क: 
302/ए, धीरज रेसिडेंसी
ओशिवरा बस डिपो के सामने 
गोरेगांव (पश्चिम)
मुंबई- 400104
मो०:  09820619161
ईमेल: gonujha.jha@gmail.com

nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
Hindi Story: कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानी
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'
मन्नू भंडारी की कहानी  — 'नई नौकरी' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Nayi Naukri' मन्नू भंडारी जी का जाना हिन्दी और उसके साहित्य के उपन्यास-जगत, कहानी-संसार का विराट नुकसान है