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संवेदनशील समझे जाना वाला ‘भद्रलोक’ का मानुष जब नागरिकता संशोधन कानून पर हो रहे प्रदर्शनों को धर्म के आयने से परखने लगता है तब संकट गहरा जाता है
मुझे आश्चर्य मैत्रेयीजी की प्रतिक्रिया पर हुआ — अपूर्व जोशी
खेमेबंदी की शिकार मैत्रेयी पुष्पा ? — अपूर्व जोशी
केजरीवाल चाहते तो दिल्ली को बेहतरीन सरकार दे सकते थे — अपूर्व जोशी
प्रश्न अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का - अपूर्व जोशी : Apoorva Joshi on Freedom of Expression

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