गुलज़ार : मैं नीचे चल के रहता हूं.... जनाज़ा #Gulzar


मैं नीचे चल के रहता हूं.... जनाज़ा

गुलज़ार





मैं नीचे चल के रहता हूं
ज़मीं के पास ही रहने दो मुझ को
मुझे घर से उठाने में बड़ी आसानी होगी

बहुत ही तंग हैं ये सीढ़ियां और ग्यारवीं मंज़िल
दबाओ पानी का भी पांचवीं मंज़िल तलक मुश्किल से जाता है
मुझे तुम लिफ़ट में लटका के नीचे लाओगे,
                                             ये सोच कर अच्छा नहीं लगता!

मैं नीचे चल के रहता हूं
वगर न सीढ़ियों से दोहरा कर के उतारोगे
वो क्रिसचन पादरी जो सातवीं मंज़िल पे रहता है
हिक़ारत से मुझे देखेगा, ‘‘गो टू हेल’’ कहेगा
मुझे वो ज़िन्दगी में भी यही कहता रहा है
यहां कुछ लोग हैं ऐसे,
मैं उनके सामने जाने से बच जाउ़ंगा तो अच्छा है!

वो मिश्रा मास्टर, जिसको दमा है, खांस कर
                                    पांव से दरवाज़े को ठेलेगा
झरी से झांकेगा फिर भी
कोई इक शलोक पढ़ देगा
‘‘तुर्प और सात सर’’ पीपल के नीचे बैठ कर
                                जब खेला करता था...
वो पत्तों में बड़ी ‘‘बेमंटी’’ करता था

मगर बेला बहुत ही ख़ूबसूरत थी
वो मिश्रा अब अकेला है
बहुत समझाया बाज़ी ख़त्म हो जाये तो पत्ते फिर से




मुझे पीपल के नीचे मत लिटाना
परिन्दे बिट करते हैं
कि जीते जी तो जो भी हो
मर के पाक रखते हैं!

मैं नीचे चल के रहता हूं
मुझे गैरिज सफ़ा कर दो
घकेलो गाड़ी को बाहर खड़ी कर दो
उसे तो फिर भी कोई तोल कर ले जायेगा, लेकिन
मुझे कोई कबाड़ी भी नहीं लेगा
चलो........
मैं नीचे चल के रहता हूं!!

* नाज़िम हिक्मत की नज़्म ‘जनाज़ा’ का...... रिएक्शन !
बोस्कियाना, पाली हिल, बान्द्रा (पश्चिम), मुम्बई-400050
साभार नया ज्ञानोदय
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

2 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
Hindi Story: कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानी
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
NDTV Khabar खबर