प्रो. तारिक छतारी को लमही सम्मान 2013 | Lamahi Samman 2013 to Tariq Chhatari

प्रो. तारिक छतारी को लमही सम्मान 2013


वर्ष 2013 का कथाकार मुंशी प्रेमचंद की स्मृति को समर्पित "लमही सम्मान" उर्दू के मशहूर अफसाना निगार "तारिक छतारी" को मिलेगा. पूर्व में ममता कालिया, साजिद रशीद, शिवमूर्ति और मनीषा कुलश्रेष्ठ को प्रदान किये गए इस सम्मान की निर्णायक समिति के अध्यक्ष अफसाना निगार सलाम बिन और दो अन्य सदस्य इलियास शौकी व प्रो० सगीर अफराहीम थे. तारिक छतारी को यह सम्मान, अलीगढ़ में 9 नवम्बर 2014 को प्रदान किया जायेगा. पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपए नकद, अंगवस्त्रम व प्रतीक चिन्ह भेट किया जायेगा.

प्रेमचंद के वंशज विजय राय संपादित प्रतिष्ठित पत्रिका 'लमही' यह पुरुस्कार दो वर्ष हिंदी तथा तीसरे वर्ष उर्दू के कथा साहित्य क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदानकर्ता को प्रदान करती है.

Lamahi Samman, Tariq Chattari, Aligarh, Urdu, Writer, Prem Chand, Vijay Rai, Nigar Salam Bin, Iliyar Shouki, Sagir afrahim, Aligarh
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
पानियों पर लिखे बेवतन लोगों के अफ़साने — कहानी — मधु कंकरिया | Hindi Story on Stranded Pakistanis by Madhu Kankaria
समीक्षा: मुजीब रिज़वी की किताब ‘सब लिखनी कै लिखु संसारा: पद्मावत और जायसी की दुनिया’ — दिव्या तिवारी | Padmavat Aur Jayasi Ki Duniya
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
परिन्दों का लौटना: उर्मिला शिरीष की भावुक प्रेम कहानी 2025
मृदुला गर्ग : मिलजुल मन (उपन्यास अंश)  Mridula Garg's 'Miljul Man' Sahitya Akademi Award Winner 2013
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा